प्रतिनिधि,सीवान.रसोई गैस की किल्लत को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का पुतला दहन कर सरकार के नीतियों की आलोचना की. पार्टी कार्यकर्ता रसोई गैस की किल्लत दूर करो, रसोई गैस की कालाबाजारी दूर करो,पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलिंडर एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित करो, अमेरिका के सामने घुटना टेकना बंद करो, आदि नारे लगा रहे थे. इस दौरान जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि आम जनता एलपीजी सिलिंडर की किल्लत से परेशान है. शासन और प्रशासन के लोग कह रहे हैं कि पर्याप्त मात्रा में रसोई गैस मौजूद है. अगर यह बात सही है तो गैस एजेंसियों के पास इतनी लंबी लाइन में लोग रोज घंटों अपमानित होने को मजबूर क्यों हैं. प्रधानमंत्री का मात्र इतना कहना कि कोरोना की तरह देश को निपटने के लिए तैयार रहना होगा, एक गैर जिम्मेदाराना बयान है. प्रधानमंत्री को पर्याप्त मात्रा में रसोई गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित कर भरोसा दिलाना होगा. किसान कांग्रेस के राज्य महासचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के सामने सरेंडर किया है. ईरान बहुत हीं सहूलियत के साथ पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति करता था. जिसमें छह से सात दिन में ईरान से आपूर्ति हो जाती थी. ईरान भारतीय रूपये में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति करता था जबकि अमेरिका डॉलर में. अमेरिका से पेट्रोलियम पदार्थों के आने में भी 55 दिन का वक्त लगता है. कांग्रेस नेता विश्वनाथ यादव ने कहा कि रसोई गैस की कीमत कांग्रेस सरकार में 350 रूपये थी. तब भाजपा के लोगों को कबूल नहीं था. आज 1011 रूपये का सिलिंडर लोग मनमाने रेट पर खरीदने को विवश है. मौके पर कांग्रेस नेता शशि कुमार, जवाहर राम,राधेश्याम शर्मा,अमित कुशवाहा,छोटन सिंह,बैजनाथ महतो,मनुल मिश्रा, रुपेश कुमार,संदेश ठाकुर, शहादत अली,मुकेश कुमार, अजय शर्मा, रवि कुमार,बिपिन कुमार समेत दर्जनों लोग मौजूद थे.
रसोई गैस की किल्लत को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
रसोई गैस की किल्लत को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का पुतला दहन कर सरकार के नीतियों की आलोचना की.पार्टी कार्यकर्ता रसोई गैस की किल्लत दूर करो, रसोई गैस की कालाबाजारी दूर करो,पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलिंडर एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित करो, अमेरिका के सामने घुटना टेकना बंद करो, आदि नारे लगा रहे थे.
