नौ माह से अबुधाबी जेल में बंद हैं कटवार का दीपक

आंदर थाना क्षेत्र के कटवार गांव का 27 वर्षीय दीपक कुमार सिंह पिछले नौ महीने से दुबई के अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) की जेल में बंद है. मनोज सिंह के पुत्र दीपक, जो नासिर अल हाजिरी कॉर्पोरेशन में काम करते थे, विदेश में बेहतर कमाई के सपने लेकर गया था.

प्रतिनिधि, सीवान. आंदर थाना क्षेत्र के कटवार गांव का 27 वर्षीय दीपक कुमार सिंह पिछले नौ महीने से दुबई के अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) की जेल में बंद है. मनोज सिंह के पुत्र दीपक, जो नासिर अल हाजिरी कॉर्पोरेशन में काम करते थे, विदेश में बेहतर कमाई के सपने लेकर गया था. अप्रैल 2025 में बहन की शादी के लिए एक महीने की छुट्टी पर भारत आया था और 1 जून 2025 को गोरखपुर से हैदराबाद होते हुए इंडिगो फ्लाइट द्वारा अबू धाबी पहुंचा, एयरपोर्ट पर ही अबू धाबी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. परिजनों ने बताया कि गिरफ्तारी के छह दिन बाद अबूधाबी पुलिस ने फोन पर सूचना दी कि दीपक प्रतिबंधित सामान के साथ पकड़े गए हैं. अबू धाबी कोर्ट ने उन पर 5 लाख (यूएई) दिरहम (भारतीय मुद्रा में लगभग 1 करोड़ 25 लाख से 1 करोड़ 26 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया है. परिवार का कहना है कि दीपक निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया जा रहा है. दीपक की मां सोना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने बताया कि बेटा पहले भी इसी कंपनी में काम कर चुका था और कोई आपराधिक इतिहास नहीं है. परिवार वाले सवाल उठाते हैं कि गोरखपुर और हैदराबाद एयरपोर्ट पर सख्त चेकिंग के बावजूद सामान कैसे पास हो गया? वे इसे साजिश मान रहे हैं. परिजन जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक लगा चुके हैं गुहार गिरफ्तार दीपक के परिजनों ने मदद के लिए डीएम, स्थानीय विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई. गुहार लगाने के लिए परिजन दिल्ली में करीब 20-25 दिन रहकर भी कोई ठोस सहायता नहीं मिली. सोशल मीडिया पर यह मामला वायरल है. दो भाइयों में बड़ा है दीपक बताया जाता है कि दीपक दो भाई हैं ,जिसमे सबसे बड़ा दीपक ही है ,जो परिवार का पालन पोषण के लिए विदेश में रहकर काम करता है. वही बहन का शादी भी दीपक के कंधे पर ही थी .जहां वह अपनी बहन की शादी करने के लिए घर आया और वापस लौटा तो अबू धाबी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया .उसका छोटा भाई पटना में रहकर पढ़ाई करता है. दर दर की ठोकरे खा रहा परिवार दीपक के परिजनों ने बताया कि अब हम लोग गुहार लगाते लगाते थक चुके हैं .लोग हम लोगों को जहां बता रहे हैं हम लोग वहां अपनी आवेदन देखकर पुत्र के रिहाई के लिए गुहार लगा रहे हैं. लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है .वहीं दीपक के पिता और मां का रो-रो कर बुरा हाल है.

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By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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