कचरे से पटी शहर की सड़कें, नहीं उठा कूड़ा

मंगलवार को दूसरे दिन भी शहर के प्रमुख सड़कों व मोहल्लों से कचरे का उठाव नहीं हो सका.जिसके चलते शहरवासियों सहित जिले के अन्य हिस्सों से आये लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा.अचानक यह मुसीबत किराये के जमीन पर पूर्व में डंप किये जा रहे कचरे को गिराने से भूस्वामी के मना कर देने से उत्पन्न हुआ है.जिसके चलते शहर की सड़कों व गलियों में कचरा का अंबार लगा हुआ है.

संवाददाता,सीवान. मंगलवार को दूसरे दिन भी शहर के प्रमुख सड़कों व मोहल्लों से कचरे का उठाव नहीं हो सका.जिसके चलते शहरवासियों सहित जिले के अन्य हिस्सों से आये लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा.अचानक यह मुसीबत किराये के जमीन पर पूर्व में डंप किये जा रहे कचरे को गिराने से भूस्वामी के मना कर देने से उत्पन्न हुआ है.जिसके चलते शहर की सड़कों व गलियों में कचरा का अंबार लगा हुआ है. गंदगी के अंबार के कारण महामारी फैलने की आशंका बढ़ गयी है. सभी मोहल्लों में कूड़ा से निकलने वाले दुर्गंध से राहगीर सहित लोग परेशान हो गये है. यहां पर स्वच्छ, सुंदर व स्वस्थ सीवान देने का नारा फेल होते नजर आ रहा है. शहर के लोगों का जीवन दो दिनों से गंदगी के बीच गुजर रहा है. इसके बाद भी प्रशासन के तरफ से संज्ञान नहीं लिया जा रहा है.नगर परिषद को भाड़ा पर जमीन नहीं मिलने के कारण कूड़ा का उठाव हर माह में ठप हो जा रहा है. हाल यह है कि कूड़ा प्वाइंट से ससमय नहीं उठाव होने के कारण पशुओं का सड़कों पर जमावड़ा देखने को मिल रहा है. जिससे जाम की स्थिति भी बनी रह रही है. शहर में सड़क पर कचरा रहने से सबसे अधिक परेशानी लोगों को राजेंद्र पथ, दरबार सिनेमा, बड़हरिया बस स्टैंड, सदर अस्पताल, अड्डा नंबर दो, स्टेशन रोड़, बबुनिया रोड़, सिसवन ढ़ाला, महादेवा रोड़, डीएवी मोड़, शांति वट वृक्ष, कसेरा टोली मोड़, बड़ी मस्जिद सहित अन्य स्थानों पर हो रही है. पंद्रह किलोमीटर दूर खरीदी गयी जमीन पर नहीं गिरता है कचरा नगर परिषद ने शहरी क्षेत्र से निकलने वाले कूड़ा को डंपिंग करने व निस्तारण के लिये वर्ष 2017 में 3.97 करोड़ की राशि से जमीन की खरीद की थी. यह नगर परिषद से तकरीबन पंद्रह किलोमीटर दूर है. लेकिन जमीन खरीदने के सात वर्ष बीत जाने पर भी नगर परिषद ने कब्जा नहीं किया है. यह जमीन नौतन प्रखंड के अगौता में खरीदी गयी है. जमीन खरीदने के बाद नगर परिषद के टीम ने कई बार अगौता पहुंचकर कर कूड़ा गिराने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण आज तक जमीन पर कब्जा नहीं हो सका. बताया जाता है कि 1869 में सीवान नगर पालिका बना और वर्तमान में 45 वार्ड भी है. पहले नगरपालिका के दौरान 28 से बढ़कर 32 वार्ड हुए. कुछ वर्ष बाद पुन: नगर परिषद होने पर वार्ड की संख्या 38 हो गयी. जब सीवान नगर परिषद क्षेत्र का विस्तार किया गया तो संख्या 45 पर पहुंच गयी लेकिन डेढ़ सौ साल बाद भी सड़क, नाला, पार्क, डिवाइडर समेत अन्य विकास कार्य करने वाले नगर परिषद को कचरा डंप करने के लिये जमीन नहीं मिली. यहां तक कचरा डंप करने के लिये नगर परिषद की खरीदी गई जमीन भी विवाद के कारण अब मामला कोर्ट तक पहुंच गया है. बोले कार्यपालक पदाधिकारी कचरा डंपिंग के लिये नगर परिषद के पास अंगौता में खरीदी गयी जमीन पर स्थानीय लोगों के विरोध के चलते कचरा नहीं गिर पाता है. जमीन के लिये जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है. अभी भाड़ा पर जमीन लेकर कूड़ा गिराया जाता है. जमीन मालिक के द्वारा मना कर देने पर कूड़ा गिरना बंद हो गया है. . कूड़ा डंप करने के लिये जमीन मिल गया है और वहां पर कूड़ा गिराने का कार्य शुरू कराया गया है. अरविंद कुमार सिंह, इओ नगर परिषद सीवान

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