सीवान में 4.5 करोड़ से बना मॉडल स्कूल, 11 साल बाद भी नहीं शुरू हुई पढ़ाई

सीवान के जयजोर गांव में 4.5 करोड़ की लागत से बना राजकीय बुनियादी विद्यालय सह इंटर कॉलेज (मॉडल स्कूल) भवन निर्माण के 11 साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है. ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए शिक्षा मंत्री से शिक्षकों की नियुक्ति और मरम्मत की मांग की गई है.

Siwan News: आंदर प्रखंड के जयजोर गांव में करीब 4.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय बुनियादी विद्यालय सह इंटर कॉलेज (मॉडल स्कूल) भवन में निर्माण के 11 वर्ष बाद भी शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका है. विद्यालय भवन का निर्माण पूरा होने के बावजूद यहां विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है. मामले को लेकर जदयू जिला सचिव सुशील कुमार गुप्ता ने शनिवार को सीवान आगमन के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को आवेदन देकर मॉडल स्कूल में शिक्षकों का पदस्थापन कराने और भवन की आवश्यक मरम्मत सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर जल्द से जल्द शिक्षण कार्य शुरू कराने की मांग की है.

2015 में हुआ था मॉडल स्कूल भवन का ऑनलाइन उद्घाटन

आवेदन में बताया गया है कि बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा करीब 4.5 करोड़ रुपये की लागत से मॉडल स्कूल भवन का निर्माण कराया गया था. इसका ऑनलाइन उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 जुलाई 2015 को पटना से किया था. लेकिन उद्घाटन के करीब 11 वर्ष बाद भी विद्यालय में नियमित शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका है.

डीएम के निरीक्षण के बाद मरम्मत का तैयार हुआ प्राक्कलन

आवेदन के अनुसार, तत्कालीन जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता ने 16 जनवरी 2025 को मॉडल स्कूल का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के बाद 29 जनवरी 2025 को विशेष कार्य पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र में निरीक्षण से संबंधित टिप्पणी दर्ज की गयी थी. निरीक्षण के दौरान मॉडल स्कूल तक आवागमन के लिए सड़क निर्माण कराने तथा भवन की आवश्यक मरम्मत कराने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया था.

इसके बाद मॉडल स्कूल भवन की मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार कर बीएसईआईडीसी, सीवान के तकनीकी उप प्रबंधक के माध्यम से बीएसईआईडीसी लिमिटेड, पटना को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजा गया था. हालांकि, इसके बाद भी विद्यालय में शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका है.

स्कूल के पास करीब छह बीघा जमीन होने का दावा

आवेदन में विद्यालय के पास पोखर के अलावा करीब छह बीघा जमीन उपलब्ध होने की बात भी कही गयी है. अंचल अमीन की ओर से जमीन की मापी के बाद 10 फरवरी 2025 को दिये गये मापी प्रतिवेदन में भी इसका उल्लेख किये जाने की बात कही गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि उपलब्ध जमीन और भवन का उपयोग कर विद्यालय को बेहतर शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित किया जा सकता है.

शिक्षकों की नियुक्ति के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग

जदयू जिला सचिव सुशील कुमार गुप्ता सहित अन्य ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री से मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई करने की मांग की है. ग्रामीणों ने विद्यालय में शिक्षकों का पदस्थापन कराने, भवन की आवश्यक मरम्मत कराने तथा विद्यार्थियों के लिए जरूरी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मॉडल स्कूल में जल्द से जल्द शिक्षण कार्य शुरू हो सके और करोड़ों रुपये की लागत से तैयार भवन का लाभ क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिल सके.

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By उमाशंकर राम

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