प्रतिनिधि,सीवान. जनगणना 2027 की तैयारी अब जमीन पर उतरने वाली है. जनगणना कार्य दो चरणों में संपन्न किया जाना है.पहला चरण दो मई से 31 मई तक चलेगा. पहले चरण में मकान सूचीकरण व मकानों की गणना होगी. जबकि दूसरे चरण का कार्य फरवरी 2027 में वास्तविक जनसंख्या की गणना की जायेगी.पूरे 15 साल के बाद जनगणना होगी. अंतिम दफा साल 2011 में हुई थी. डिजिटल मोड में होगी जनगणना महत्वपूर्ण है कि जनगणना 2027 डिजिटल मोड में होने वाली पहली जनगणना होगी.इसमें जनगणना प्रबंधन व निगरानी प्रणाली पोर्टल के माध्यम से मोबाइल एप के जरिए संपन्न किया जाएगा. बताया गया कि अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों का क्षेत्राधिकार अप-टू-डेट किया जा चुका है. पहले चरण में हर परिवार की आवासीय स्थिति, संपत्ति, सुविधाओं आदि की जानकारी जुटाई जाती है.दूसरे चरण में हर व्यक्ति के जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी इकट्ठी की जाती है.इसी चरण में जाति से संबंधित प्रश्न भी जोडे जाएंगे.जिससे देश और राज्य की सामाजिक संरचना की साफ तस्वरी सामने आ सके .इस सर्वे के दौरान हर परिवार की स्थिति, घर में उपलब्ध सुविधाएं और अन्य बुनियादी जानकारियां दर्ज की जाएंगी.सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी होगी और लोगों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित जनगणना-2027 के सुगम एवं सफल कार्यान्वयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति का गठन किया गया है. इस संबंध में प्रधान जनगणना पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी द्वारा आदेश निर्गत किया गया है जारी आदेश के अनुसार जिलाधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि अपर समाहर्त्ता (राजस्व) को संयोजक सदस्य बनाया गया है.समिति में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला स्थापना उप समाहर्त्ता, जिला नजारत उप समाहर्त्ता, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, नगर विकास प्रबंधन शाखा के नोडल पदाधिकारी-सह-कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी तथा जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.गठित समिति जनगणना-2027 से संबंधित सभी कार्यों में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेगी. विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगी तथा जनगणना कार्यों की प्रगति का नियमित अनुश्रवण करेगी जिलास्तर पर जनगणना कोषांग का किया गया गठन जनगणना कार्यों के ससमय एवं सुचारु निष्पादन के लिए जिलास्तर पर जनगणना कोषांग का गठन किया गया है.यह कोषांग जिला सांख्यिकी कार्यालय में कार्य करेगा.इस संबंध में प्रधान जनगणना पदाधिकारी–सह–जिलाधिकारी द्वारा आदेश जारी किया गया है.जारी आदेश के अनुसार अपर समाहर्ता (राजस्व) को वरीय पदाधिकारी बनाया गया है, जबकि जिला योजना पदाधिकारी को प्रभारी पदाधिकारी तथा जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को सहयोगी पदाधिकारी नामित किया गया है.कोषांग में जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी सहित जिला सांख्यिकी कार्यालय के सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी, आईटी प्रबंधक, उच्च वर्गीय लिपिक, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, लिपिक, डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं परिचारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.गठित जनगणना कोषांग जनगणना–2027 की प्रारंभिक तैयारियों से जुड़े सभी कार्यों का समन्वय करेगा तथा जनगणना संबंधी दायित्वों के समयबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करेगा. यह कोषांग तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक कार्यरत रहेगा. साथ ही, अपर समाहर्ता के अनुमोदन के उपरांत आवश्यकतानुसार अन्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति भी की जा सकेगी, ताकि जनगणना कार्यों का संचालन प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया जा सके.
जनगणना को लेकर दो मई से घर-घर सर्वेक्षण
जनगणना 2027 की तैयारी अब जमीन पर उतरने वाली है. जनगणना कार्य दो चरणों में संपन्न किया जाना है.पहला चरण दो मई से 31 मई तक चलेगा. पहले चरण में मकान सूचीकरण व मकानों की गणना होगी. जबकि दूसरे चरण का कार्य फरवरी 2027 में वास्तविक जनसंख्या की गणना की जायेगी.पूरे 15 साल के बाद जनगणना होगी. अंतिम दफा साल 2011 में हुई थी.
