Siwan News: जिले के सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का अपार (APAAR) आईडी बनाने की धीमी प्रगति पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद और जिला शिक्षा कार्यालय ने सख्त रुख अपनाया है. सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि तीन दिनों के भीतर सभी पात्र छात्र-छात्राओं का अपार आईडी निर्माण सुनिश्चित करें. निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक का वेतन स्थगित किए जाने की चेतावनी दी गई है.
2,357 सरकारी विद्यालयों में 3.16 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित
जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) की ओर से जारी पत्र के अनुसार, यू-डायस 2026-27 के तहत जिले के 2,357 सरकारी विद्यालयों में कुल 3,16,553 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं.
इनमें से अब तक 2,47,272 विद्यार्थियों का अपार आईडी बनाया जा चुका है, जबकि 69,281 विद्यार्थियों का अपार आईडी अभी लंबित है.
17,238 विद्यार्थियों का आईडी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद नहीं बना
विभाग के अनुसार, लंबित मामलों में 17,238 ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जिनके सभी आवश्यक दस्तावेज और शर्तें पूरी होने के बावजूद अब तक उनका अपार आईडी नहीं बनाया गया है. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित विद्यालयों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
तीन दिनों में आईडी बनाना होगा अनिवार्य
डीईओ ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि पत्र जारी होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर सभी पात्र विद्यार्थियों का नियमानुसार अपार आईडी बनाना सुनिश्चित करें.
इसके अलावा जिन विद्यार्थियों के आधार टैगिंग या अन्य तकनीकी त्रुटियों के कारण आईडी नहीं बन पाया है, उनका सुधार कर एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत अपार आईडी निर्माण का लक्ष्य पूरा करने को कहा गया है.
बीएसईबी ने पंजीयन और परीक्षा आवेदन में किया अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 10वीं और 12वीं कक्षा के पंजीयन, सूचीकरण और परीक्षा आवेदन की प्रक्रिया में अपार आईडी को अनिवार्य कर दिया है.
ऐसे में यदि किसी छात्र का अपार आईडी लंबित रहता है, तो उसकी पंजीयन, परीक्षा आवेदन और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं. इसी को देखते हुए सभी विद्यालयों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
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