Siwan News: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सीवान में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेता प्रशिक्षुओं को मंगलवार को एक विशेष समारोह में मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंद्रमौली त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुआ. इस अवसर पर दोनों प्रतियोगिताओं के कुल 20 उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को उनकी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल के लिए पुरस्कृत किया गया.
तकनीक और विज्ञान की सशक्त भाषा बने हिंदी
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हिंदी के महत्व और आधुनिक युग में इसकी स्वीकार्यता पर अपने विचार रखे:
- प्राचार्य का संदेश: डॉ. चंद्रमौली त्रिपाठी ने हिंदी की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और उपयोगिता को रेखांकित करते हुए प्रशिक्षुओं से अपने दैनिक कामकाज और शिक्षण शैली में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने का आह्वान किया.
- तकनीकी ज्ञान से जोड़ने पर बल: वरीय व्याख्याता डॉ. कनिष्क कृष्ण ने कहा, "हिंदी को केवल साहित्य और बोलचाल के दायरे तक सीमित न रखकर तकनीक, विज्ञान, अनुसंधान और डिजिटल युग की मुख्य भाषा के रूप में विकसित करना समय की मांग है."
निबंध व भाषण प्रतियोगिता के परिणाम
आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसके परिणाम इस प्रकार रहे:
- निबंध प्रतियोगिता: दर्शिका कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि दीपशिखा कुमारी द्वितीय और नीलोफर नाहिद तृतीय स्थान पर रहीं. इनके अतिरिक्त 7 प्रशिक्षुओं को सांत्वना पुरस्कार दिया गया.
- भाषण प्रतियोगिता: दीपशिखा कुमारी ने पहला स्थान प्राप्त किया, प्रिया कुमारी दूसरे और निधि कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं. इस वर्ग में भी 7 अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया.
शिक्षकों और प्रशिक्षुओं की रही उपस्थिति
समारोह के समापन पर व्याख्याता डॉ. सतेंद्र कुमार पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षुओं के प्रयासों की सराहना की और आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया. इस मौके पर व्याख्याता डॉ. राजीव रंजन, डॉ. मनोज कुमार, संजय कुमार सहित संस्थान के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षु उपस्थित थे.
