सीवान: बड़हरिया में श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया गया हरितालिका तीज, शिवालयों में उमड़ी सुहागिनों की भीड़

बड़हरिया में हरितालिका तीज का पर्व धूमधाम से मनाया गया. सुहागिन महिलाओं ने अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा. शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई.

Siwan News : बड़हरिया प्रखंड क्षेत्र में अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना को लेकर हरितालिका तीज का पर्व सोमवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति के माहौल में मनाया गया. सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. शाम होते ही शिवालयों में व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी. महिलाओं ने पूजा-अर्चना के बाद हरितालिका तीज व्रत कथा का श्रवण किया और पति की लंबी आयु व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.

माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए की थी कठिन तपस्या.

पूजा के दौरान आचार्य पं. रवींद्र पांडेय ने हरितालिका तीज की पौराणिक कथा सुनायी. उन्होंने बताया कि माता पार्वती बचपन से ही भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाना चाहती थीं, लेकिन उनके माता-पिता इसके लिए तैयार नहीं थे. भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के संकल्प के साथ माता पार्वती अपनी सखियों के साथ वन में चली गयीं और वहां वर्षों तक घोर तपस्या की.

उन्होंने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को माता पार्वती ने मिट्टी और बालू से भगवान शिव की पार्थिव प्रतिमा बनाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और व्रत रखा. उनकी कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिये. भगवान शिव ने पार्वती से वरदान मांगने को कहा. तब माता पार्वती ने उन्हें पति के रूप में स्वीकार करने और हर जन्म में भगवान शिव को ही अपना पति पाने का वरदान मांगा. इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ.

शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का पर्व है हरितालिका तीज.

आचार्य पं. नवलकिशोर मिश्र ने कहा कि हरितालिका तीज भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का पर्व है. माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठिन हरितालिका व्रत किया था. मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है. साथ ही पति की दीर्घायु और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

विभिन्न गांवों के शिवालयों में देर शाम तक गूंजते रहे भजन.

हरितालिका तीज को लेकर प्रखंड के सदरपुर, हरदियां, बड़हरिया, खोरीपाकड़, पहाड़पुर, पुरैना, भलुआं, सुंदरी सहित विभिन्न गांवों में दिनभर उत्सवी माहौल रहा. सज-धजकर महिलाएं नजदीकी शिव मंदिरों में पहुंचीं और घंटों पूजा-अर्चना की. कई मंदिरों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से शिव-पार्वती की पूजा की और भजन-कीर्तन किया.

निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं देर शाम तक भगवान शिव के भजनों में लीन रहीं. मंदिर परिसरों में शिव-पार्वती के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.

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By आनंद मिश्र

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