Awareness Campaign: गुठनी प्रखंड क्षेत्र में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. बदलते समय के साथ साइबर अपराधियों ने ठगी के तरीके भी बदल दिए हैं. स्मार्टफोन और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोग लगातार साइबर अपराधियों के जाल में फंस रहे हैं. थाने और साइबर सेल में पहुंच रही शिकायतों के साथ सोशल मीडिया पर सामने आ रहे मामलों से इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. हालांकि, जानकारी या शिकायत के अभाव में ठगी के कई मामले सामने नहीं आ पाते हैं.
साइबर अपराधी लोगों को बैंक खाता बंद होने, आधार से खाता लिंक नहीं होने, पैन कार्ड अपडेट कराने, खाते में राशि आने, आवास योजना की राशि मिलने अथवा ओटीपी भेजने के नाम पर झांसे में लेते हैं. इसके बाद गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रुपये उड़ा लेते हैं. ऐसे में किसी भी तरह के ऑनलाइन लेन-देन से पहले पूरी सतर्कता बरतना जरूरी है.
10 पंचायतों में बनाया गया साइबर ग्रुप
साइबर ठगी और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए पुलिस ने थाना क्षेत्र की 10 पंचायतों में साइबर ग्रुप बनाया है. इन ग्रुपों में ग्रामीणों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोड़ा गया है.
ग्रुप के माध्यम से साइबर ठगी से बचाव के उपायों के साथ क्षेत्र में होने वाले अपराध, सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली गतिविधियों, सोशल मीडिया पर अफवाह और आपत्तिजनक या गलत पोस्ट के संबंध में लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
अफवाह और गलत पोस्ट से बचने की अपील
पुलिस की ओर से लोगों से किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना को सोशल मीडिया पर प्रचारित-प्रसारित नहीं करने की अपील की जा रही है. इसके लिए सभी पंचायतों में पुलिस अधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गयी है.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. पुलिस साइबर ग्रुप के माध्यम से ग्रामीणों को जोड़ रही है, ताकि उन्हें समय-समय पर साइबर ठगी और अन्य सामाजिक अपराधों के प्रति जागरूक किया जा सके.
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