सीवान में गणेश चतुर्थी पर गूंजे गणपति बप्पा मोरया के जयकारे, पंडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सीवान में गणेश चतुर्थी का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया. विभिन्न मोहल्लों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं के दर्शन को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में भक्ति जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.

Siwan News : गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को जिलेभर में भगवान गणपति की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही पूजा-अर्चना शुरू हो गयी. शहर के महादेवा रोड, अग्रवाल टोली, सोनाल टोली सहित विभिन्न मोहल्लों में बनाये गये पूजा पंडालों में गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहे. प्रतिमा का पट खुलते ही दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. पांच दिनों तक चलने वाली गणेश पूजा को लेकर पंडालों में प्रतिदिन अलग-अलग भक्ति जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा.

आकर्षक ढंग से सजाये गये पूजा पंडाल

गणेश पूजा को लेकर शहर के विभिन्न स्थानों पर बनाये गये पूजा पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. रंगीन रोशनी से जगमगाते पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. शाम होते ही पंडालों की भव्यता देखते ही बन रही है. बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और दर्शन कर रहे हैं.

पांच दिनों तक चलेगा पूजा का आयोजन

गणेश पूजा को लेकर विभिन्न पूजा समितियों की ओर से पांच दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. प्रतिदिन अलग-अलग भक्ति जागरण का आयोजन किया जायेगा. कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे. बच्चों और युवाओं में पूजा पंडालों को देखने को लेकर विशेष उत्साह है.

सोशल मीडिया पर भी छायी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं

सीवान में पिछले कुछ वर्षों में गणेश चतुर्थी का आयोजन कई स्थानों पर होने लगा है. पर्व की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह से ही सोशल मीडिया के माध्यम से लोग एक-दूसरे को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते रहे. पूजा को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ी रही और पूजा सामग्री तथा सजावटी सामान की बिक्री में तेजी देखी गयी.

गणपति की आराधना को माना जाता है मंगलदायक

मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश को देवताओं में सबसे पहले पूजे जाने वाले देवता माना गया है. गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. इसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की आराधना करने से भक्तों के दुख-दर्द दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. भगवान गणेश को ज्ञान, बुद्धि और ऋद्धि-सिद्धि का स्वामी माना गया है. किसी भी शुभ कार्य से पहले गणपति की पूजा करने की परंपरा है.

सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की भी व्यवस्था

पूजा समितियों की ओर से पंडालों में श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ सुरक्षा और स्वच्छता का भी ध्यान रखा जा रहा है. भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्था की गयी है. देर शाम तक पंडालों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा और पूरा शहर गणपति की भक्ति में डूबा नजर आया.

फोटो-  पूजा अर्चना करते भक्त | Prabhat Khabar Network
फोटो-  पूजा अर्चना करते भक्त | Prabhat Khabar Network

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By पंकज कुमार

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