नेपाल में आयी बाढ़ के बाद गोपालगंज जिले के बरौली और बैकुंठपुर क्षेत्र से बड़हरिया प्रखंड के पूर्वी इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका बनी हुई है. गंडकी नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बना रहता है. हालांकि, फिलहाल गंडकी नदी के जलस्तर में वृद्धि नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में अभी ज्यादा चिंता नहीं है.
दर्जनभर गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र के राछोपाली, जगन्नाथपुर, रुदलहाता, लक्ष्मीपुर, श्यामपुर, खोरीपाकड़, विशुनपुरा, भोपतपुर, लालगढ़ हरिहरपुर, चौकीहसन और सरेया मठियां समेत करीब दर्जनभर गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं. ग्रामीण नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
बाढ़ से फसलों को हो सकता है भारी नुकसान
स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में बाढ़ आने पर इन इलाकों में सबसे अधिक नुकसान फसलों को हुआ है. खेतों में पानी भरने से धान, मक्का सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचता है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
जलभराव से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की आशंका
बाढ़ का पानी फैलने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है. जलजनित बीमारियों के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.
संभावित बाढ़ को लेकर स्वास्थ्य विभाग तैयार
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इससे निपटने के लिए रोडमैप तैयार किया है. प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाये जा सकें.
नदी के जलस्तर पर प्रशासन और ग्रामीणों की नजर
फिलहाल गंडकी नदी का जलस्तर सामान्य बताया जा रहा है. प्रशासन और ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं. जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित इलाकों में आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है.
