एफआरके संकट से चावल आपूर्ति प्रभावित

जिले में फोर्टिफाइड राइस कर्नल्स की आपूर्ति में गंभीर कमी के कारण चावल संग्रहण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के प्रबं

प्रतिनिधि, सीवान. जिले में फोर्टिफाइड राइस कर्नल्स की आपूर्ति में गंभीर कमी के कारण चावल संग्रहण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर नए एफआरके सप्लायर को संबद्ध करने का अनुरोध किया है. जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में एफआरके की आपूर्ति के लिए जिले से मेसर्स मां दुर्गा इंडस्ट्री एवं मेसर्स झुनझुनवाला ऑयल मिल्स लिमिटेड को संबद्ध किया गया था.इन दोनों सप्लायरों को जिले की चावल मिलों द्वारा कुल 3710 क्विंटल फोर्टिफाइड राइस कर्नल्स की मांग दी गई थी. लेकिन इसके मुकाबले अब तक केवल 657.5 क्विंटल एफआरके की ही आपूर्ति हो सकी है, जबकि 3052.5 क्विंटल एफआरके अभी भी लंबित है.दो फरवरी तक के ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले की 12 बड़ी चावल मिलों ने मिलकर 3710 क्विंटल एफआरके की मांग की थी, लेकिन आपूर्ति की रफ्तार बेहद धीमी रही है. रिपोर्ट से साफ है कि निर्धारित लक्ष्य का बड़ा हिस्सा अब तक पूरा नहीं हो सका है. इससे न सिर्फ मिलरों को परेशानी हो रही है, बल्कि चावल संग्रहण की गति भी काफी धीमी पड़ गई है. जिसका सीधा असर सरकारी खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है. बिंदवाल पैक्स, देव राइस मिल्स, करोम पैक्स और कोल्हुआ इंडस्ट्रीज को 400-400 क्विंटल एफआरके का लक्ष्य दिया गया था.लेकिन इनमें से कोई भी मिल 100 क्विंटल का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है. करोम पैक्स को अब तक मात्र 46 क्विंटल और कोल्हुआ इंडस्ट्रीज को केवल 50 क्विंटल एफआरके ही मिल पाया है.वहीं, किसान राइस मिल ने 300 क्विंटल के लक्ष्य में से 100 क्विंटल की आपूर्ति हासिल कर स्थिति कुछ हद तक बेहतर दिखाई है.इसके विपरीत सिंह राइस मिल की हालत और भी खराब है, जहां 300 क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले केवल 30 क्विंटल एफआरके की ही आपूर्ति हुई है. महुअरी पैक्स को 150 क्विंटल के लक्ष्य के विरुद्ध महज 17 क्विंटल एफआरके मिला है. नवदुर्गा एग्रो, प्रभु एग्रोटेक, समृद्धि राइस मिल और शीला राइस मिल जैसी अन्य मिलों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही बनी हुई है.जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम सीवान ने दो फरवरी के पत्र माध्यम से एफआरके की कमी से उत्पन्न समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए मेसर्स कोल्हुआ स्टेट वेयरहाउस को राज्य खाद्य निगम से संबद्ध करने का अनुरोध किया है. जिलाधिकारी ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा है कि नए सप्लायर को जोड़ने से एफआरके की उपलब्धता बढ़ेगी और सीएमआर संग्रहण कार्य में तेजी आएगी.डीएम ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते एफआरके की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो अधिप्राप्ति की पूरी चक्रीय व्यवस्था प्रभावित होगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DEEPAK MISHRA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >