सीवान का वो गांव, जहां 1942 में जला था अंग्रेजों का थाना और डाक बंगले पर फहराया गया था तिरंगा

Siswan Police Station Case : 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान सिसवन में स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ जोरदार प्रतिरोध किया. क्रांतिकारियों ने सिसवन थाने में आग लगा दी और डाक बंगले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जो ब्रिटिश शासन के खिलाफ खुले प्रतिरोध का प्रतीक बना.

Siswan Police Station Case : भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान सीवान के सिसवन प्रखंड में स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ जोरदार आंदोलन छेड़ दिया था. स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, मांझी के स्वतंत्रता सेनानी गिरीश तिवारी के नेतृत्व में मेवा दुसाध, अंबिका सिंह, खखन डोम, सरयू राम और अन्य क्रांतिकारियों ने आंदोलन को धार दी.

अंग्रेजी थाना में लगाई गई थी आग

आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में क्रांतिकारियों ने तत्कालीन सिसवन थाना पर धावा बोल दिया. स्थानीय परंपरागत विवरणों के अनुसार, अंग्रेजी शासन के प्रतीक माने जाने वाले थाना भवन में आग लगा दी गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में अंग्रेजी प्रशासन में हड़कंप मच गया.

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डाक बंगले पर फहराया गया था तिरंगा

स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, सिसवन के सरौत गांव के सरयू राम ने अंग्रेजों के रहने के लिए बनाए गए डाक बंगले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था. यह घटना उस समय ब्रिटिश शासन के खिलाफ खुले प्रतिरोध का प्रतीक बन गई और क्षेत्र में स्वतंत्रता आंदोलन को नई मजबूती मिली.

स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय धर्मनाथ अग्रहरी

कई सेनानी हुए गिरफ्तार, लेकिन आंदोलन नहीं रुका

थाना कांड के बाद ब्रिटिश प्रशासन ने कई स्वतंत्रता सेनानियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया. अनेक लोगों को जेल भेजा गया, लेकिन आंदोलन की गति धीमी नहीं पड़ी. स्थानीय लोगों ने आजादी की लड़ाई को लगातार जारी रखा और अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनसमर्थन मजबूत होता गया.

सिसवन में जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के आने की स्थानीय स्मृतियां

स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि असहयोग आंदोलन के दौर में पंडित जवाहरलाल नेहरू अपनी पत्नी कमला नेहरू और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के साथ सिसवन आए थे. उनके अनुसार, गंगपुर सिसवन स्थित राधाकृष्ण मंदिर (मठिया) में उन्होंने रात्रि विश्राम किया था. यह विवरण स्थानीय मौखिक परंपराओं पर आधारित है और इसके ऐतिहासिक अभिलेखों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है.

आज भी गर्व से याद किया जाता है सिसवन थाना कांड

सिसवन थाना कांड को क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है. स्वतंत्रता दिवस और अन्य राष्ट्रीय अवसरों पर स्थानीय लोग स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. उनका मानना है कि नई पीढ़ी को इस गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना जरूरी है ताकि उनमें देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत हो.

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By Abhay Kumar

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