Siwan News : लकड़ी नबीगंज थाना क्षेत्र के लाखनौरा सब्जी मंडी के पास एनएच-331 जाम कर आगजनी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने के मामले में पुलिस ने जिला परिषद क्षेत्र संख्या 37 के सदस्य रमेश सिंह समेत 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. मामले में करीब 100 अज्ञात लोगों को भी आरोपित किया गया है. पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, सड़क जाम करने, आगजनी, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और अन्य आरोपों में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है.
मारपीट की घटना के बाद जाम और आगजनी का आरोप
थानाध्यक्ष सविता कुमारी के आवेदन के अनुसार, 18 सितंबर की सुबह करीब 8:30 बजे सूचना मिली कि लाखनौरा सब्जी मंडी के पास पूर्व की मारपीट की घटना को लेकर लोगों ने एनएच-331 को जाम कर दिया है. सड़क पर आगजनी किये जाने की भी सूचना मिली. इसके बाद थानाध्यक्ष पुलिस पदाधिकारियों और थाना रिजर्व गार्ड के साथ मौके पर पहुंचीं.
पुलिस के पहुंचने के समय सड़क पर जाम लगा हुआ था और एक एंबुलेंस भी जाम में फंसी थी. पुलिस ने एंबुलेंस को रास्ता दिलाने के साथ ही जाम हटाकर यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया.
पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी का आरोप
पुलिस का आरोप है कि समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं देने का आरोप लगाया गया है. आवेदन में पुलिस के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने की बात भी कही गयी है.
घटना की वीडियोग्राफी करायी गयी थी. पुलिस के अनुसार, वीडियो फुटेज के आधार पर महाल चौकीदार की मदद से प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करायी गयी. इसके बाद 11 लोगों को नामजद करते हुए करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी.
जिला परिषद सदस्य पर नेतृत्व करने का आरोप
प्राथमिकी में अनिल साह, रंजय साह, सुनील साह, राजा कुमार, रंजीत कुमार, नितेश कुमार, कृष्णा साह, प्रिंस कुमार, रिन्टू कुमार और बबलू कुमार को नामजद किया गया है. इनके अलावा जिला परिषद क्षेत्र संख्या 37 के सदस्य रमेश सिंह को भी आरोपित बनाया गया है.
पुलिस आवेदन में आरोप लगाया गया है कि रमेश सिंह ने लोगों को पुलिस के खिलाफ दिग्भ्रमित और गुमराह किया तथा अपने नेतृत्व में घटना को अंजाम दिलाया. यह आरोप पुलिस के आवेदन में दर्ज किया गया है.
काफी प्रयास के बाद हटाया गया जाम
पुलिस के अनुसार, सड़क जाम होने के कारण एनएच-331 पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था. इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस ने काफी प्रयास के बाद भीड़ को नियंत्रित कर सड़क से जाम हटाया और यातायात बहाल कराया.
वीडियोग्राफी के आधार पर जांच जारी
मामले में बीएनएस की धारा 189(2), 190, 191(2), 192, 195, 221, 285, 326(बी) और 132 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वीडियोग्राफी समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपितों की भूमिका की जांच की जा रही है.
