प्रतिनिधि,गुठनी. राम जानकी पथ परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने से नाराज रैयतों ने शुक्रवार को अंचलाधिकारी डॉ. विकास कुमार को ज्ञापन सौंपा. किसानों ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण मुआवजा अब खतियान में दर्ज किस्म के बजाय वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर तय करने का निर्णय लिया गया है. किसानों का कहना था कि एक तरफ उनकी खेती योग्य जमीन परियोजना में चली गई, वहीं भू-अर्जन कार्यालय द्वारा भूमि के प्रकार निर्धारण में कथित रूप से हेराफेरी की गई है. इसके कारण किसानों को जमीन का वास्तविक मूल्य नहीं मिल पा रहा है. कई जगहों पर खतियान में दर्ज बांझ जमीन आज उपजाऊ या व्यावसायिक मूल्य वाली साबित हो रही है. न्यूनतम मूल्य का निर्धारण करने का अनुरोध पहले ही किया है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि मुआवजा दरें बाजार के अनुरूप हों, जमीन मालिकों को उचित राशि मिले और अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर विवाद कम हों. मौके पर आनंद तिवारी, अशोक कुमार सिंह, जितेंद्र प्रसाद, ठाकुरनाथ तिवारी, गिरजा शंकर सिंह, महेश सिंह, राधेश्याम सिंह, शिला देवी समेत दर्जनों रैयत उपस्थित रहे. क्या कहते हैं सीओ सीओ डॉ विकास कुमार ने बताया कि राम जानकी पथ में अधिग्रहित जमीन का बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा तय करने को लेकर किसानों ने मांग पत्र दिया है जिसे विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा.
मुआवजा राशि पर किसानों ने जताया एतराज
राम जानकी पथ परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने से नाराज रैयतों ने शुक्रवार को अंचलाधिकारी डॉ. विकास कुमार को ज्ञापन सौंपा. किसानों ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण मुआवजा अब खतियान में दर्ज किस्म के बजाय वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर तय करने का निर्णय लिया गया है.
