सीवान कांग्रेस कार्यालय की जमीन विवाद में कांग्रेस के पक्ष में फैसला, डीएम कोर्ट ने माना अधिकार वैध

सीवान में जिला कांग्रेस कार्यालय की जमीन को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार थम गया है. डीएम कोर्ट ने कांग्रेस के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जमीन पर पार्टी के अधिकार को वैध ठहराया है. यह फैसला स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थान के लिए बड़ी जीत है.

Siwan News: जिला कांग्रेस कार्यालय की जमीन को लेकर चल रहे विवाद में जिला दंडाधिकारी न्यायालय ने कांग्रेस के पक्ष में फैसला सुनाया है. डीएम सह जिला दंडाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने अपने आदेश में अस्पताल रोड स्थित करीब 14 कट्ठा 5 धुर भूमि पर कांग्रेस के अधिकार को वैध माना है.

फैसले के बाद सोमवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक आयोजित की गई. इसमें पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने न्यायालय के फैसले को सत्य और न्याय की जीत बताया. इस दौरान मामले में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं और पूर्व जिलाध्यक्षों को सम्मानित भी किया गया.

1938 में कांग्रेस को मिली थी भूमि, दस्तावेजों के आधार पर फैसला

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों और एडीएम सह जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला सुनाया है.

उन्होंने बताया कि वर्ष 1938 में यह भूमि कांग्रेस को प्राप्त हुई थी, जिसके बाद यहां पार्टी कार्यालय का निर्माण कराया गया. समय-समय पर जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया और नगर परिषद की रसीद भी नियमित रूप से कटती रही.

उन्होंने कहा कि डीएम कोर्ट के नए आदेश से पूर्व का आदेश निरस्त हो गया है और जमीन पर कांग्रेस का अधिकार कायम हुआ है.

स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा है कार्यालय का इतिहास

जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि जिला कांग्रेस कार्यालय का संबंध स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ा हुआ है. उनके अनुसार, वर्ष 1938 में महात्मा गांधी की मौजूदगी में भूमिदाता गोकुल प्रसाद ने यह भूमि डॉ. राजेंद्र प्रसाद को कांग्रेस कार्यालय के लिए सौंपी थी.

महाराजगंज कांग्रेस जिलाध्यक्ष जवाहर भाई ने कहा कि कांग्रेस संघर्षों की पार्टी रही है और इस मामले में भी अंततः सत्य की जीत हुई है.

पूर्व जिलाध्यक्षों ने भी रखा इतिहास

पूर्व जिलाध्यक्ष शिवधारी दुबे ने कहा कि भूमिदाता के परिवार के सदस्यों ने भी पहले कांग्रेस को भूमि दिए जाने की पुष्टि की थी.

वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विधु शेखर पांडेय ने कार्यालय के विकास की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत में यहां बगीचा था. इसके बाद फूस, कच्चे और फिर पक्के भवन का निर्माण कर कांग्रेस कार्यालय संचालित किया गया.

अधिवक्ताओं और पूर्व जिलाध्यक्षों का हुआ सम्मान

बैठक के दौरान पार्टी की ओर से पूर्व जिलाध्यक्ष शिवधारी दुबे, राजाराम सिंह, डॉ. विधु शेखर पांडेय और मामले में कांग्रेस का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता अनिल मिश्रा, संदीप शर्मा एवं संदीप गुप्ता को अंगवस्त्र और माला पहनाकर सम्मानित किया गया.

मौके पर प्रदेश प्रतिनिधि प्रदुमन राय सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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Author: Manish giri

Published by: Vivek Ranjan

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