Siwan News: महाराजगंज प्रखंड के बंगरा गांव में आयोजित एक बैठक में ग्रामीणों ने उत्तर बिहार के सुप्रसिद्ध श्री मौनिया बाबा राजकीय महावीरी झंडा मेला का मुख्य नियंत्रण कक्ष मेला परिसर में स्थापित करने की मांग की. बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि इससे मेले की व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावी होंगी तथा सभी प्रमुख अखाड़ों को समान महत्व मिलेगा.
'मेला परिसर से बाहर होने के कारण उपेक्षा का सामना करना पड़ता है'
ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में मुख्य मेला नियंत्रण कक्ष राजेंद्र चौक पर स्थापित किया जाता है. इसके कारण सांसद, विधायक, जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारी मेला परिसर में स्थित बंगरा गांव के अखाड़े का अवलोकन नहीं कर पाते हैं. इससे अखाड़ाधारी स्वयं को उपेक्षित महसूस करते हैं.
बंगरा गांव के अखाड़े को सबसे पहले प्रवेश का मिलता है सम्मान
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बंगरा गांव के अखाड़े को महावीरी झंडा मेला में सर्वप्रथम प्रवेश करने का गौरव प्राप्त है. इसके बावजूद मुख्य नियंत्रण कक्ष मेला परिसर से बाहर होने के कारण इस ऐतिहासिक परंपरा को अपेक्षित सम्मान और पहचान नहीं मिल पा रही है.
प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि यदि किसी कारणवश मुख्य नियंत्रण कक्ष को मेला परिसर में स्थापित करना संभव नहीं हो, तो बंगरा, कारसौत, झझवा, तेवथा तथा गोहपुर बजरहिया गांव के अखाड़ों को राजेंद्र चौक होकर मेला परिसर में प्रवेश करने की प्रशासनिक अनुमति दी जाए. इससे जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इन गांवों के अखाड़ों का भी अवलोकन कर सकेंगे और सभी अखाड़ों को समान महत्व मिलेगा.
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित
बैठक में प्रो. अभय कुमार सिंह, ई. सुगेंद्र कुमार सिंह, विनोद सिंह, रजनीश कुमार सिंह उर्फ झब्लू सिंह, आजाद सिंह, विश्वनाथ यादव, ध्रुव यादव, भोला प्रसाद, अमित कुमार 'बबुआजी', अंकुर सिंह, मुकेश सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. सभी ने एक स्वर में प्रशासन से मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की.
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