दरौंदा प्रखंड कृषि कार्यालय में शनिवार को किसानों को फसलों में लगने वाले कीट-मकोड़ों के नियंत्रण और जैविक खेती के प्रति जागरूक किया गया. इस दौरान प्रत्यक्षण के तहत बीज प्राप्त कर खेती करने वाले किसानों के बीच सरकार की ओर से उपलब्ध कराये गये विभिन्न प्रकार के जैविक इनपुट का निःशुल्क वितरण किया गया.
समय पर कीट नियंत्रण जरूरी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामवीर सिंह यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि समय पर कीटों की रोकथाम नहीं होने से फसलों को काफी नुकसान हो सकता है. कीट-मकोड़े फसल को नुकसान पहुंचाकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने किसानों से फसल में कीटों के प्रकोप की समय रहते पहचान कर उचित उपाय करने की अपील की.
किसानों को मुफ्त में उपलब्ध कराये जा रहे जैविक इनपुट
कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्यक्षण के तहत बीज लेकर खेती करने वाले किसानों को सरकार की ओर से विभिन्न प्रकार के जैविक इनपुट निःशुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैं. इसका उद्देश्य किसानों को फसल में कीट नियंत्रण के जैविक उपायों के प्रति जागरूक करना है.
उन्होंने कहा कि जैविक उपायों को बढ़ावा देने से रासायनिक दवाओं पर किसानों की निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.
कीटों की पहचान और नियंत्रण के उपायों की दी जानकारी
किसानों को अलग-अलग प्रकार के कीटों की पहचान, उनके प्रकोप से फसल को होने वाले नुकसान और नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी गयी. कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को समय पर फसल की निगरानी करने और जरूरत के अनुसार जैविक उपाय अपनाने की सलाह दी.
कृषि विभाग के अधिकारी और किसान रहे मौजूद
कार्यक्रम में कृषि समन्वयक रामप्रीत गुप्ता, संजय चौरसिया, रवि कुमार राय, अभय कुमार, संजीव सिंह, नवलकिशोर, कृषि सलाहकार बलवंत कुमार राम, पंकज यादव, मुन्नीलाल सहित किसान रविन्द्र कुमार, सुभाष प्रसाद, शिवकुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार, मनोज कुमार भारती, विंध्यानंद सिंह, अखिलेश्वर सिंह, पानपति देवी और रेणुकेश्वर प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे.
