Dalit Muslim Unity: शहर स्थित एक मैरिज हॉल में रविवार को दलित मुस्लिम चेतना मंच के तत्वावधान में “संविधान के सम्मान में, दलित मुस्लिम मैदान में” विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में संविधान, सामाजिक न्याय, समानता, भाईचारा तथा शोषित और वंचित समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं शिक्षाविद प्रो. रतनलाल, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार पासी तथा पूर्व कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुए. विभिन्न सामाजिक संगठनों, दलित एवं वंचित समाज तथा कांग्रेस से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया.
संविधान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष जरूरी
प्रो. रतनलाल ने कहा कि वर्तमान समय में देश और संविधान के सामने गंभीर वैचारिक चुनौतियां हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से देश और संविधान को खतरा है. उन्होंने संविधान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और वैचारिक संघर्ष को जरूरी बताया.
उन्होंने संविधान के निर्माण से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों का आधार है.
दलित-मुस्लिम एकजुटता से बदलाव की बात
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि बिहार में करीब 18 प्रतिशत मुस्लिम और 20 प्रतिशत दलित आबादी है. उन्होंने कहा कि यदि करीब 38 प्रतिशत आबादी अपने अधिकार और सामाजिक न्याय के सवाल पर एकजुट हो जाए, तो बिहार की तकदीर बदल सकती है.
उन्होंने कमजोर वर्गों पर अत्याचार और जातिगत भेदभाव की घटनाओं को चिंता का विषय बताते हुए सामाजिक न्याय के लिए एकजुट प्रयास करने पर जोर दिया.
नफरत के बजाय भाईचारे पर जोर
पूर्व कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान ने कहा कि संविधान बचेगा, तभी देश का विकास और तरक्की संभव है. उन्होंने कहा कि जब तक नफरत का कारोबार चलता रहेगा, गांधी के भारत का निर्माण संभव नहीं है. उन्होंने सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता जतायी.
शहजाद मामले में आवेदन सौंपने की तैयारी
कार्यक्रम के संयोजक एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव डॉ. ख्वाजा एहतेशाम अहमद ने कहा कि सीवान में सामाजिक चिंतकों, शिक्षाविदों और कांग्रेस नेताओं का एक मंच पर आना शिवराजपुर के शहजाद के इंसाफ की लड़ाई के लिए नई उम्मीद है.
उन्होंने बताया कि शहजाद मामले में करीब 500 लोगों के हस्ताक्षर वाला आवेदन तैयार किया गया है. इसे सीवान के पुलिस अधीक्षक, बड़हरिया थानाध्यक्ष और सारण के उपमहानिरीक्षक को सौंपा जायेगा. उन्होंने कहा कि कमजोर परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जारी रहेगी.
कई वक्ताओं ने रखे अपने विचार
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार पासी सहित अमर आजाद, अजय पासवान, रंजीत पंडित, दरभंगा की उपमहापौर नाजिया, मधुकर डोम, इफ्तेखार अंसारी, सैयद इकबाल जाफरी और दिनेश मांझी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे.
कार्यक्रम में केशव राम, ध्रुव लाल, विजय प्रताप सिंह, शैलेश राम, मणिकांत, पूर्व वार्ड पार्षद इंतखाब अहमद, प्रदेश महासचिव सैयद महबूब आलम, मिराज अहमद और पंचदेव राम सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे.
कार्यक्रम को सफल बनाने में भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष आचार्य रवि, अंबेडकर छात्रावास के अधीक्षक राकेश राम, डॉ. अमजद खान, एहसान अहमद और वरीय अधिवक्ता गणेश राम सहित अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. अंत में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील कुमार और महाराजगंज जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जवाहर भाई ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
