Siwan News : छात्र नेताओं की गिरफ्तारी और उन पर दर्ज मुकदमों के विरोध में सोमवार को भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने दरौंदा में विरोध मार्च निकाला. मार्च जिलेबिया गली से शुरू होकर दरौंदा रेलवे स्टेशन तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया.
शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद हुई थी झड़प : भाकपा-माले
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के जिला कमिटी सदस्य रामायण यादव ने कहा कि 25 जुलाई को आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के आह्वान पर बिहार बंद के दौरान सीवान में शांतिपूर्ण आंदोलन किया जा रहा था. उन्होंने दावा किया कि संगठन की ओर से दोपहर 12:45 बजे कार्यक्रम समाप्त करने की घोषणा कर दी गई थी. इसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें ईंट-पत्थर चले और गोलीबारी की घटना भी हुई.
नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज करने का लगाया आरोप
रामायण यादव ने आरोप लगाया कि घटना से आइसा, आरवाईए और भाकपा-माले के नेताओं का कोई संबंध नहीं होने के बावजूद जिला प्रशासन ने जीरादेई में पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा के आवास पर तोड़फोड़ की. उन्होंने कहा कि उनके सहयोगी अरुण राम, विश्वकर्मा कुशवाहा, प्रखंड कमिटी सदस्य पवन कुशवाहा और विशाल यादव को गिरफ्तार कर लिया गया. साथ ही भाकपा-माले के राज्य कमिटी सदस्य जयशंकर पंडित, विकास यादव, सोहिल गुप्ता, अमित साह तथा पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा समेत कई नेताओं और युवाओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं.
गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग
भाकपा-माले नेताओं ने मांग की कि गिरफ्तार सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 30 जुलाई को आइसा और आरवाईए के नेतृत्व में सीवान में व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
विरोध मार्च और सभा में अरविंद प्रसाद, विनोद शर्मा, हामिद अंसारी, कैलाश राम, राजेंद्र यादव, चंदेश्वर महतो, इजरायल हक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे.
