सीवान. गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सीवान में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के तत्वावधान में 15 जनवरी से 29 जनवरी तक भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक करना तथा आपात परिस्थितियों में सुरक्षित, त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना था. भूकंप सुरक्षा पखवारा के दौरान महाविद्यालय परिसर में अनेक शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें विशेषज्ञ व्याख्यान, विद्यार्थियों द्वारा भूकंप जागरूकता पर प्रस्तुतियाँ, निबंध प्रतियोगिता तथा क्विज प्रतियोगिता प्रमुख रहीं. इसी क्रम में 27 जनवरी को महाविद्यालय परिसर में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया. मॉकड्रिल के दौरान भूकंप के समय अपनाई जाने वाली आपातकालीन प्रतिक्रिया तकनीकों, सुरक्षित निकासी प्रक्रियाओं, प्राथमिक बचाव उपायों तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया गया. इस अवसर पर मुख्य वक्ता धीरज कुमार ने वास्तविक आपदा परिस्थितियों में संयम, त्वरित निर्णय क्षमता एवं आपसी समन्वय के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम समन्वयक प्रो सिद्धार्थ सिंह ने जानकारी दी कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा वर्ष 2025 में भूकंपीय ज़ोन मानचित्र में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है. उन्होंने बताया कि इस परिवर्तन के तहत कुछ क्षेत्रों की भूकंपीय संवेदनशीलता का पुनर्मूल्यांकन किया गया है, जिससे भवन डिज़ाइन, संरचनात्मक सुरक्षा तथा निर्माण मानकों में अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता उत्पन्न हुई है. उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नवीन वी कोड्स एवं अद्यतन भूकंपीय ज़ोनिंग को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित संरचनाओं के डिज़ाइन पर विशेष ध्यान दें. प्राचार्य डॉ सूर्य कांत सिंह ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाते हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक एवं समाज के प्रति सजग अभियंता बनने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं. उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग विभाग एवं एसडीआरएफ टीम के प्रयासों की सराहना की.
siwan news. भूकंप जोन को ध्यान में रखते हुए संरचनाओं के डिज़ाइन पर दें ध्यान : प्रो सिद्धार्थ
गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में भूकंप सुरक्षा पखवारा का आयोजन
