कैंसर के इलाज की चुनौतियां और समाधान पर मंथन

मिथिला कैंसर केयर के तत्वावधान तथा अश्वनी फाउंडेशन के सहयोग से रविवार को सतत चिकित्सीय शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विषय समकालीन दौर में कैंसर का प्रबंधन रहा, जिसमें जिले के कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया.

प्रतिनिधि, सीवान. मिथिला कैंसर केयर के तत्वावधान तथा अश्वनी फाउंडेशन के सहयोग से रविवार को सतत चिकित्सीय शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विषय समकालीन दौर में कैंसर का प्रबंधन रहा, जिसमें जिले के कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ अविनाश उपाध्याय, सहायक प्राध्यापक, मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, पीएमसीएच पटना ने कैंसर की नवीनतम उपचार पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती देर से पहचान है.यदि बीमारी का पता स्टेज-1, 2 या 3 में चल जाए तो कई मामलों में कैंसर पूरी तरह ठीक भी हो सकता है, जबकि स्टेज-4 में इलाज केवल नियंत्रण तक सीमित रह जाता है.डॉ. उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी के साथ-साथ टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसी आधुनिक विधियां उपलब्ध हैं, जिनसे मरीजों की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सही समय पर जांच और इलाज से जीवन बचाया जा सकता है. कैंसर से बचाव पर बोलते हुए उन्होंने तंबाकू और शराब से दूरी को बेहद आवश्यक बताया. साथ ही हेपेटाइटिस-बी और सी से संक्रमित लोगों में लीवर कैंसर के बढ़ते खतरे की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने जानकारी दी कि 9 से 15 वर्ष की लड़कियों में एचपीवी वैक्सीनेशन से सर्वाइकल और एनल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.स्तन कैंसर को महिलाओं में सबसे आम कैंसर बताते हुए डॉ. उपाध्याय ने कहा कि शुरुआती अवस्था में गांठ की पहचान और समय पर इलाज से अच्छे परिणाम मिलते हैं. स्टेज-1, 2 और 3 में स्तन कैंसर का सफल इलाज संभव है, जबकि स्टेज-4 में भी नई दवाओं से मरीजों को बेहतर जीवन दिया जा सकता है.कार्यक्रम में बच्चों में कैंसर की पहचान, लक्षण और समय पर रेफरल पर भी चर्चा हुई. इस मौके पर डॉ. ओपी सिंह ने बच्चों की मृत्यु दर कम करने के उपाय बताते हुए कहा कि अस्पताल में बच्चों के डॉक्टर की उपस्थिति में सुरक्षित प्रसव कराकर नवजात मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.कार्यक्रम में डॉ. शरद चौधरी, डॉ. संगीता चौधरी, डॉ. विनय कुमार सिंह, डॉ. एन.के. प्रसाद, डॉ. समीर, डॉ. रिमझिम कुमारी, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. योगेश त्रिपाठी, डॉ. अहमद अली, डॉ. मुंतजिर, डॉ. रमाकांत सिंह, डॉ. गीतांजलि, डॉ. नेहा रानी सहित कई चिकित्सक उपस्थित रहे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DEEPAK MISHRA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >