Siwan News : भोजपुरी पुनर्जागरण मंच ने भोजपुरी भाषा को बिहार की राजभाषा का दर्जा देने और संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग की है. इसको लेकर मंच के जिला मंत्री अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दरौंदा विधायक कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह को ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने विधायक के माध्यम से सरकार को पत्र भेजकर भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता दिलाने की मांग की.
करोड़ों लोगों की बोली जाने वाली समृद्ध भाषा है भोजपुरी
ज्ञापन में कहा गया है कि भोजपुरी बिहार, उत्तर प्रदेश समेत देश के विस्तृत क्षेत्र में करोड़ों लोगों द्वारा बोली जाती है. भोजपुरी की अपनी समृद्ध लोक साहित्य परंपरा, संस्कृति, शब्द भंडार, व्याकरण, वाक्य संरचना और अभिव्यक्ति की विशिष्ट शैली है. मंच का कहना है कि भाषा की समृद्ध परंपरा और व्यापक जनसरोकार को देखते हुए इसे उचित संवैधानिक पहचान मिलनी चाहिए.
स्वतंत्रता आंदोलन में भी रहा योगदान
मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि भोजपुरी भाषी क्षेत्र के लोगों का स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश के विकास तक महत्वपूर्ण योगदान रहा है. इसके बावजूद भोजपुरी को अभी तक संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान नहीं मिल सका है. प्रतिनिधिमंडल ने भोजपुरी को अंतरराष्ट्रीय पहचान वाली भाषाओं में शामिल करने की दिशा में भी पहल करने की आवश्यकता जतायी.
सरकार तक मांग पहुंचाने की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से भोजपुरी को बिहार की राजभाषा का दर्जा देने के साथ ही संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग को सरकार तक पहुंचाने की अपील की. विधायक के माध्यम से सरकार को पत्र भेजकर इस संबंध में आवश्यक पहल की मांग की गयी.
इस दौरान प्रमुख प्रतिनिधि उमेश सिंह, जिला महामंत्री हरेंद्र कुशवाहा, प्रखंड अध्यक्ष बबलू सिंह, उपप्रमुख हरीश यादव, मंटू तिवारी, बृजनन्दन सिंह, संतोष सिंह और मीडिया प्रभारी राजीव कुमार भारती मौजूद रहे.
