Siwan News : (विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट) हड़ताल के कारण निलंबित किए गए जिले के 93 पंचायत सचिवों को बड़ी राहत मिली है. राज्य सरकार के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने सभी पंचायत सचिवों को निलंबन से मुक्त कर दिया है. साथ ही उन्हें अपने पूर्व आवंटित पंचायतों का प्रभार तत्काल ग्रहण कर लंबित कार्यों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया गया है.
गौरतलब है कि पंचायत सचिवों के हड़ताल पर चले जाने और कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने के कारण पंचायत स्तर के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो गए थे. जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने, वंशावली बनाने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, वित्त आयोग की योजनाओं के संचालन तथा मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना सहित अन्य दैनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही थी. इसके अलावा जनगणना-2027 की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी
संबंधित पंचायत सचिवों पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी रहेगी
इसी को देखते हुए जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने मई माह में कार्रवाई करते हुए 93 पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया था. अब पंचायती राज विभाग के निर्देश के आलोक में सभी पंचायत सचिवों की सेवा बहाल कर दी गई है.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी पंचायत सचिव अपने-अपने पंचायतों में लौटकर कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करें तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें.
हालांकि, डीएम ने यह भी कहा है कि संबंधित पंचायत सचिवों पर लगाए गए आरोपों की जांच प्रक्रिया जारी रहेगी. संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आरोप-पत्र तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
पंचायत कार्यालयों में कामकाज सामान्य होने की संभावना
पंचायत सचिवों की बहाली से पंचायत कार्यालयों में कामकाज सामान्य होने की संभावना बढ़ गई है. आम लोगों को प्रमाण-पत्र, पेंशन सत्यापन एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए अब पहले की तरह भटकना नहीं पड़ेगा, जबकि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आने की उम्मीद है.
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार एवं पंचायती राज विभाग के निर्देशानुसार निलंबित पंचायत सचिवों को सेवा में वापस लिया गया है. पंचायत स्तर के सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा.
