सीवान में कृषि समन्वयकों का धरना, शशि रंजन के निलंबन वापसी की मांग; कार्य बहिष्कार की चेतावनी

सीवान में पदस्थापित कृषि समन्वयक शशि रंजन के निलंबन के विरोध में जिले के सभी कृषि समन्वयकों ने जिला कृषि कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया. उन्होंने निलंबन को अन्यायपूर्ण बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की. यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सामूहिक कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है.

सीवान: दरौंदा प्रखंड में पदस्थापित कृषि समन्वयक शशि रंजन के निलंबन के विरोध में गुरुवार को जिले के सभी कृषि समन्वयकों ने जिला कृषि कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने निलंबन की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.

धरना के दौरान कृषि समन्वयकों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने निलंबन की कार्रवाई वापस नहीं ली तो जिले के सभी कृषि समन्वयक सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करेंगे और आंदोलन को तेज किया जाएगा.

बीज की खराब गुणवत्ता को बताया किसानों की नाराजगी का कारण

प्रदर्शन कर रहे कृषि समन्वयकों ने कहा कि किसानों द्वारा सरकारी बीज नहीं लेने का मुख्य कारण बीज की खराब गुणवत्ता और कम अंकुरण क्षमता थी. उन्होंने बताया कि दरौंदा प्रखंड के सभी कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों ने तीन जून को ही प्रखंड कृषि पदाधिकारी को लिखित रूप से अवगत करा दिया था कि धान, मड़ुआ, अरहर और मक्का के गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध नहीं हैं.

इसके बावजूद समय पर बेहतर गुणवत्ता वाले बीज की व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण किसानों को मजबूरी में बाजार से बीज खरीदकर रोपनी करनी पड़ी.

अधिकारियों को दी गई थी जानकारी, फिर भी हुई कार्रवाई

कृषि समन्वयकों का आरोप है कि 22 जुलाई को जूम के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में भी बीज की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया गया था. इसके बावजूद जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा विभाग को तथ्यों से अलग रिपोर्ट भेजी गई, जिसके आधार पर शशि रंजन को निलंबित कर दिया गया.

उन्होंने इस कार्रवाई को एकतरफा और विभागीय नियमों के विरुद्ध बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की.

निलंबन को जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया उचित

इधर, जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने निलंबन की कार्रवाई को पूरी तरह उचित और विभागीय नियमों के अनुरूप बताया. उन्होंने कहा कि शशि रंजन की पत्नी द्वारा दो विवाह से संबंधित शिकायत जिला पदाधिकारी को दी गई थी.

इस मामले की जांच जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी (घरेलू हिंसा) को सौंपी गई थी. जांच के दौरान शशि रंजन पर जांच दल के साथ सहयोग नहीं करने और अधिकारियों के प्रति असहयोगात्मक रवैया अपनाने का आरोप सामने आया.

कारण बताओ नोटिस के बाद हुई कार्रवाई

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि बीज वितरण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में भी शशि रंजन द्वारा अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने और सरकारी योजनाओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने की बात सामने आई थी.

इस मामले में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया. इसके बाद विभागीय नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई.

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्रवाई किसी भी दबाव में वापस नहीं ली जाएगी. वहीं, कृषि समन्वयकों ने कहा कि यदि निलंबन वापस नहीं लिया गया तो पूरे जिले के कृषि समन्वयक कार्य बहिष्कार कर आंदोलन को और तेज करेंगे. इससे विभाग और कृषि समन्वयकों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है.

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By Arvind kumar

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