नामांकन के बाद छात्रों का बनेगा पेन व अपार आइडी

सरकारी स्कूलों में नौंवी कक्षा में नामांकन के लिए पेन नंबर और अपार आइडी जरूरी नहीं है. इसके नहीं रहने पर भी संस्थान छात्रों को एडमिशन से इनकार नहीं कर सकता हैं. आठवीं कक्षा उत्तीर्ण जिन विद्यार्थियों ने नौवीं कक्षा में नामांकन के लिए आवेदन किया है,जिनके पास लेकिन उनका परमानेंट एजुकेशन नंबर और अपार कार्ड नहीं बना है. उन सभी छात्रों का भी नामांकन लेना है.

प्रतिनिधि, सीवान. सरकारी स्कूलों में नौंवी कक्षा में नामांकन के लिए पेन नंबर और अपार आइडी जरूरी नहीं है. इसके नहीं रहने पर भी संस्थान छात्रों को एडमिशन से इनकार नहीं कर सकता हैं. आठवीं कक्षा उत्तीर्ण जिन विद्यार्थियों ने नौवीं कक्षा में नामांकन के लिए आवेदन किया है,जिनके पास लेकिन उनका परमानेंट एजुकेशन नंबर और अपार कार्ड नहीं बना है. उन सभी छात्रों का भी नामांकन लेना है. डीइओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इसको लेकर प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है. नौवीं में नामांकन के लिए अभिभावकों से शिकायत मिल रही है कि विद्यालयों में नामांकन लेने से मना किया जा रहा है. जिन मान्यता प्राप्त विद्यालयों को यू डायस कोड का आवंटन हो चुका है, उन निजी विद्यालयों से स्थानांतरण प्रमाण पत्र लेकर आने पर संबंधित विद्यार्थी का नामांकन लेना है. डीइओ ने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि नामांकन के बाद अविलंब परमानेंट एजुकेशन नंबर और अपार आइडी जनरेट किया जाये. नामांकन में छात्रों को परेशानी न हो, इसके लिए यह निर्देश सभी स्कूलों को जारी किए गए है. यदि किसी छात्र को पेन और अपार कार्ड के कारण नामांकन से वंचित किया जाएगा, तो ऐसे स्कूल पर कार्रवाई हो सकती है. मालूम हो कि परमानेंट एजुकेशन नंबर एक पहचान संख्या है, जो छात्रों को दी जाती है. 12 अंक का यह नंबर छात्रों की पहचान को सुरक्षित रखता है. यह नंबर छात्रों की पूरी शिक्षा जीवनकाल के लिए दिया जाता है. जो उनकी प्राथमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय तक उनकी पहचान को बनाए रखने में मदद करता है. पेन नंबर के उपयोग से छात्रों को शैक्षणिक जानकारी को एक केंद्रीय डेटाबेस में संग्रहित करने के लिए किया जाता है. दूसरी कक्षा से लेकर आगे नामांकन के लिए पेन नंबर अनिवार्य होता है. पेन नंबर स्कूल की ओर से ही जनरेट किया जाता है. वहीं अपार आइडी कार्ड छात्रों के लिए बेहद अहम हैं. इस कार्ड में छात्रों की सारी एकेडमिक जानकारी होगी. साल दर साल आगे की शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही इसमें सारी जानकारी दर्ज हो जायगी. इससे कहीं भी दूसरी जगह एडमिशन कराने में आसानी होगी और सारी शैक्षणिक डिग्री की जानकारी उन्हें पलभर में मिल जायगी. यह आइडी सभी शैक्षणिक रिकार्ड में डिग्रियों, छात्रवृत्ति, पुरस्कार आदि उपलब्धियां डिजिटल रूप से संग्रहित करेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DEEPAK MISHRA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >