siwan news. फार्मर आइडी के लिए 38 गांवों का चयन, एक क्लिक में किसानों का डाटा होगा उपलब्ध, योजनाओं के लाभ में होगी आसानी

आधार के तर्ज पर किसानों के लिए बनाया जा रहा फार्मर आइडी, डीएम ने सभी अंचलाधिकारी को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया

प्रतिनिधि, सीवान. किसानों को फार्मर आइडी से अब एक क्लिक में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा. यह फार्मर आइडी, आधार की तर्ज काम करेगा. फार्मर आइडी के लिए जिला स्तर पर 38 गांवों का चयन किया गया है, जहां आइडी बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. इस संबंध में डीएम ने सभी अंचलाधिकारी को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है. यह केंद्र सराकर की योजना है. यह पहल ””””डिजिटल कृषि मिशन”””” के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र का डिजिटलीकरण करना है.

बार-बार केवाइसी से मिलेगा छुटकारा

जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि इस फार्मर आइडी के जरिए किसानों को बार-बार केवाइसी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा. इससे किसानों को सरकारी योजनाओं और लाभों का फायदा बिना किसी रुकावट के मिल सकेगा. इस प्रणाली से किसानों की पहचान और उनके डेटा को सुरक्षित और सरल तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा. राजस्व व कृषि विभाग मिलकर इस योजना पर काम कर रहा है. इसका उपयोग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, और कृषि से संबंधित अन्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया जायेगा. इस पहचान पत्र में किसानों की भूमि, पशुधन, फसल की जानकारी, और अन्य डिटेल्स शामिल होंगे. फार्मर आइडी का निर्माण उन्हीं किसानों का होगा जिनके नाम से जमीन की जमाबंदी होगी.

इन गांवों का हुआ है चयन

फार्मर आइडी निर्माण के लिए जिन 38 गांवों का चयन किया गया है. उसमें आंदर प्रखंड के भवराजपुर व जयजोर, बड़हिरया प्रखंड के सुुंदरपुर व कैलगढ़, बसंतपुर के बसांव व कन्हौली, भगवानपुर हाट के गोपालपुर व अरूवन, दरौली के दरौली व बलहू, दरौंदा के कोथुआसारंगपुर व करसौत, गोरेयाकोठी के सरारी व सादिपुर, गुठनी के डरैला व सोहगरा, हसनपुरा के सहुली व तेलकत्थु, हुसैनगंज के हबीबनगर व हरिहांस, लकड़ी नबीगंज के पड़ौली व लकड़ी, महाराजगंज के कसदेवरा व देवरिया, मैरवा के सेवतापुर व बउ़गांव, नौतन के खाप बनकट व नौतन, पचरूखी के तरवारा व सहलौर, रघुनाथपुर के रघुनाथपुर व राजपुर, सिसवन के कचनार व घुरघाट, सीवान सदर के बलेथा व धनौती तथा जीरादेई प्रखंड के तितरा व ठेंपहा राजा राम का टोला गांव शामिल हैं.

जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला में कुछ 1584 राजस्व ग्राम है. प्रथम चरण में फार्मर आइडी के लिए प्रत्येक प्रखंड से दो-दो गांबों का चयन किया गया है. बाद में क्रमश: सभी राजस्व गांवों में किसानों का फॉर्मर आइडी बनाया जायेगा.

आसानी से मिलेगा योजनाओं को लाभ

आधार की तरह किसानों का फार्मर आइडी बनाया जायेगा. इससे किसानों को योजना की लिए बार बार इकेवाइसी नहीं कराना पड़ेगा. एक क्लिक में सभी डेटा उपलब्ध हो जायेगा और आसानी से किसानों को योजना का लाभ मिल सकेगा.

आलोक कुमार, डीएओ, सीवान

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Published by: Shashi kant kumar

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