दुष्कर्म और अपहरण मामले में पिता-पुत्र दोषी

सीवान : फास्ट ट्रैक कोर्ट-दो सरोज कुमार श्रीवास्तव की अदालत में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने और फिरौती मांगने के मामले में पिता-पुत्र को दोषी पाया गया है. बताते चलें कि सीवान मुफस्सिल थाना के निवासी टुनटुन राम ने अपने बयान में कहा था कि 27 सितंबर 2009 को मैं मैरवा गया था जब घर […]

सीवान : फास्ट ट्रैक कोर्ट-दो सरोज कुमार श्रीवास्तव की अदालत में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने और फिरौती मांगने के मामले में पिता-पुत्र को दोषी पाया गया है. बताते चलें कि सीवान मुफस्सिल थाना के निवासी टुनटुन राम ने अपने बयान में कहा था कि 27 सितंबर 2009 को मैं मैरवा गया था जब घर पहुंचा तो पता चला कि मुफस्सिल थाना के भादा खुर्द निवासी रामानंद गिरी का पुत्र उपेंद्र गिरी मेरी नाबालिग पुत्री को यह कहकर ले गया कि टेलर के यहां से कपड़ा लाना है जो पहले से सिलवाने के लिए दिया गया था.

आरोपित ड्राइवर उपेंद्र गिरी एक माह पूर्व से एक स्कूल में पढ़ने के लिए गाड़ी से ले जाता था. मैं अपनी पुत्री की छानबीन किया लेकिन जानकारी नहीं मिली दूसरे दिन उपेंद्र गिरी फोन करके बताया कि एकमा स्टेशन आकर अपनी लड़की को ले जाइए.
वहां जाने पर कोई नहीं था. मैं उसके उसके घर उसके पिता रामानंद गिरी से मिलकर घटना की जानकारी दिया. इसके बाद घटना की प्राथमिकी सीवान मुफस्सिल थाना में दर्ज कराया था. पुलिस दबाव के बाद आरोपित ने पीड़िता को एकमा स्टेशन पर छोड़ दिया.
इस घटना में पिता रामानंद गिरी पर भी आरोप लगाया था. पीड़िता ने कोर्ट में अपने बयान के दौरान कही थी कि आरोपित मुझे मुंबई ले गया था जहां मेरे साथ दुष्कर्म किया था. कोर्ट ने दोनों को घटना का दोषी पाया है जिसका फैसला 23 दिसंबर को सजा के बिंदु पर सुनाया जायेगा. इस मामले में अभियोजन की तरफ से एपीपी रघुवर सिंह बचाव पक्ष से शिवनाथ सिंह ने जिरह किये थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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