सीवान : प्लस टू प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय भगवानपुर हाट, में वितीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में पोशाक व नैपकिन राशि वितरण में अनियमितता की शिकायत 15 मार्च 2018 में अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी महाराजगंज से अशोक शर्मा ने की थी.
वहां से न्याय नहीं मिलने के बाद 11 सितंबर 2018 को जिला पदाधिकारी सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के पास मामला दायर किया था. जिला पदाधिकारी द्वारा तथ्यों की जांच एवं विचारोपरांत 18 जनवरी 2019 को आदेश पारित किया गया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी दोषी कर्मचारियों, पदाधिकारियों के विरुद्ध 72 घंटे के अंदर कार्रवाई सुनिश्चित करें.
उपरोक्त आदेश के अनुपालन में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उपविकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला पर्षद सीवान को आवश्यक कार्रवाई के लिए सभी कागजात समर्पित कर दिया. कसभी दोषी शिक्षक जिला पर्षद द्वारा नियोजित हैं. बताया जाता है कि सभी कागजात जिला पर्षद कार्यालय में दबा दिया गया तथा केस को उसे रफा-दफा करने का प्रयास किया गया.
तीन दिसंबर को प्रभात खबर में प्रकाशित खबर पढ़कर अशोक शर्मा को ज्ञात हुआ कि उनके मामले में दो शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हुई है. जबकि उसमें 6 शिक्षक नामित हैं. चार को किस आधार पर बरी किया गया है, इसकी जांच की मांग के साथ तत्कालीन लेखा पदाधिकारी संघमित्रा वर्मा को किस तरह क्लीन चिट दी गयीू इसकी भी जांच की मांग पीड़ित ने जिलाधिकारी से की है.
पीड़ित अशोक शर्मा ने डीएम कार्यालय में लगायी न्याय की गुहार
पीड़ित ने की असली दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
6 में से 2 शिक्षकों के खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई
तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी लेखा एवं योजना के खिलाफ भी जांच की मांग
तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी लेखा एवं योजना, शिक्षा श्रीमति संघमित्रा वर्मा का नाम दोषी व्यक्तियों की सूची से हटाकर निर्दोष पदाधिकारी रामेश्वर सिंह का नाम भूलवश अंकित हो जाने तथा उसे सुधारने के लिए आवेदन देने के बावजूद उसे सुधारा नहीं गया और संघमित्रा वर्मा को निर्दोष घोषित कर दिया गया. पीड़ित ने इस मामले में दोबारा जांच की मांग की है.
