साक्ष्य के अभाव में आठ आरोपित 18 साल बाद रिहा

सीवान : द्वितीय श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सुशील प्रसाद सिंह की अदालत में मारपीट कर जख्मी करने के मामले में आठ आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में रिहा किया है. बताते चले कि आंदर थाना के बरवा निवासी मुन्ना उर्फ जय प्रकाश पाठक ने जमीनी विवाद को लेकर किये गये मारपीट के मामले में अपने ही […]

सीवान : द्वितीय श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सुशील प्रसाद सिंह की अदालत में मारपीट कर जख्मी करने के मामले में आठ आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में रिहा किया है. बताते चले कि आंदर थाना के बरवा निवासी मुन्ना उर्फ जय प्रकाश पाठक ने जमीनी विवाद को लेकर किये गये मारपीट के मामले में अपने ही पटीदार विनोद पाठक, पिंटू पाठक, मंटू पाठक, ब्रजेश पाठक, संजय पाठक, केदार पाठक, ब्यास पाठक को आरोपी बनाया था. इसके पूर्व 1982 में दोनों परिवार के बीच हुए विवाद में गिरीश पाठक, कन्हैया पाठक, शिव शंकर पाठक की हत्या की गयी थी.

जिस मामले में तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश राय ने इस हत्याकांड के मामले में योगेंद्र पाठक, राम सुरेश पाठक, रामविलास पाठक, तारकेश्वर पाठक, बच्चा पाठक, हरेंद्र पाठक, ब्यास पाठक, प्रभुनाथ पाठक, उमानाथ पाठक, पहारी पाठक, अमन पाठक, राधेश्याम पाठक को आजीवन कारावास की सजा 13 जून 2017 में सुनाया था. सभी आरोपी जेल में है.

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