गुठनी : थाने के असलम हत्याकांड को आज एक माह पूरा हो रहा है, परंतु पुलिस कांड के उद्भेदन से काफी दूर खड़ी है. पुलिस जांच की स्थिति ये है कि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी अब तक प्राप्त नहीं कर सकी है, जिससे मौत के कारणों का पता चल सके. असलम के परिजनों के अलावा ग्रामीणों ने भी पुलिस की निष्क्रियता पर आलोचना की है. वहीं ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. गुठनी पुलिस असलम हत्या कांड ही नहीं बल्कि सोहगरा के अजय ततवा हत्याकांड का भी खुलासा नहीं कर सकी. जो बीते करीब 10 माह से अधिक हो गये. पुलिस की इस लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश भी व्याप्त है.
एक माह बाद भी असलम हत्याकांड का खुलासा नहीं, पुलिस के हाथ खाली
गुठनी : थाने के असलम हत्याकांड को आज एक माह पूरा हो रहा है, परंतु पुलिस कांड के उद्भेदन से काफी दूर खड़ी है. पुलिस जांच की स्थिति ये है कि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी अब तक प्राप्त नहीं कर सकी है, जिससे मौत के कारणों का पता चल सके. असलम के परिजनों […]

कई राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि गत तीन माह में गुठनी थाना क्षेत्र की यूपी सीमा क्षेत्र में तीन हत्याएं हुई हैं और यूपी पुलिस ने तीनों कांडों का खुलासा एक-एक सप्ताह के अंदर कर दी. वहीं बिहार पुलिस को एक माह में पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं मिली. ऐसी पुलिस हत्यारों तक कैसे और कितने दिनों में पहुंचेगी.
घटना के दिन तो पुलिस निरीक्षक ने कहा था कि असलम हत्याकांड को जल्द खुलासा कर दिया जायेगा और इसके लिए पुलिस ने असलम के मोबाइल का सहारा लिया और उसका कॉल डिटेल निकालकर जांच- पड़ताल शुरू कर दी गयी. असलम के पास दो मोबाइल था और दोनों मोबाइल उसके पास से बरामद हुआ था. उसका एंड्रॉयड मोबाइल डिस्चार्ज होकर बंद था, तो दूसरा साधारण छोटा मोबाइल बंद कर उसके पॉकेट में रखा गया था.
ज्ञात हो कि गत 30 जुलाई को गुठनी के मियागुंडी निवासी शाहिद मियां का पुत्र असलम घर से मुंबई जाने के लिए निकला था और उसका शव 31 जुलाई को बेलौड़ी नहर किनारे पेड़ से लटका मिला था. असलम के पिता गुठनी के मियागुंडी गांव निवासी शहीद अंसारी ने थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. थानाध्यक्ष मनोरंजन कुमार ने कहा कि मैं हाल ही में यहां योगदान दिया हूं और असलम हत्याकांड की फाइल का अध्ययन कर रहा हूं. बहुत जल्द आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.