सीवान : मंडल कारा के बंदियों के बारे में हर विवरण ऑनलाइन होगा. इसके लिए क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्किंग सिस्टम के तहत मंडल कारा की पूरी जानकारी को ऑनलाइन करने का काम शुरू किया गया है. इससे हर किसी को घर बैठे भी कोई जानकारी लेना होगा तो मिल जायेगा. जेल में बंदियों से मिलने वालों की पर्ची भी ऑनलाइन कटेगी.
ऑनलाइन होगा जेल के बंदियों का पूरा विवरण
सीवान : मंडल कारा के बंदियों के बारे में हर विवरण ऑनलाइन होगा. इसके लिए क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्किंग सिस्टम के तहत मंडल कारा की पूरी जानकारी को ऑनलाइन करने का काम शुरू किया गया है. इससे हर किसी को घर बैठे भी कोई जानकारी लेना होगा तो मिल जायेगा. जेल में बंदियों […]

कौन बंदी किस दिन मंडल कारा के अस्पताल में गया और कौन रेफर होकर बाहरी अस्पताल में भेजा गया. यह जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी. अस्पताल में बंदियों को किस डॉक्टर ने इलाज किया और उसे कौन सी दवा दी गयी, इसकी भी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना पर काम चल रहा है. ऑनलाइन कार्य शुरू कर दिया गया है. इस पर अभी कार्य चल रहा हैं जो पूरा हो जायेगा.
अब बंदियों की जानकारी मिलेगा ऑनलाइन
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्किंग सिस्टम से मंडल कारा के जुड़ने से बंदियों का फोटो भी ऑनलाइन उपलब्ध कराया जायेगा. इसके अलावा जेल के किस बंदी को किस केस में किस तारीख को कौन से कोर्ट में पेशी होनी है, इसकी भी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करायी जायेगी.
जेल से कौन-कौन बंदी किस दिन कोर्ट पेशी के लिए कोर्ट हाजत में गया और उसके साथ कैदी वैन पर कौन चालक व सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे, इसकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना है.
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग एंड नेट वर्किंग सिस्टम के तहत मंडलकारा को ऑनलाइन करने का कार्य शुरू है, जिससे अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों व सुरक्षा कर्मियों तक की हर जानकारी उपलब्ध होगी. इसके अलावा किस बंदी को किस कोर्ट से जमानत मिली और किस दिन उसे जेल से रिहा किया गया, यह सूचना भी उपलब्ध करायी जायेगी. इससे जेल से बाहर वाले पुलिस या संबंधित अधिकारी अवगत हो सकेंगे.
अपराधियों के संबंध में बैठी पुलिस को मिल सकती है जानकारी
पहले जिले के फरार अपराधी या किसी अन्य जिला में गिरफ्तार होकर जेल जाने के बाद केस में बेल करा बाहर हो जाते थे. लेकिन जानकारी नहीं मिलने से अन्य जिलों में फरारी की तलाश कर रही पुलिस अपने जिला के केस में में रिमांड नहीं कर पाती थी. इस कारण एक ही अपराधी को जेल से बाहर होने के बाद दोबारा गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को छापेमारी करनी पड़ती थी.
कई केस मे ऐसा हुआ है कि जिसे अन्य जिला के पुलिस को तलाश है वह दूसरे जिले में गिरफ्तार होने के बाद जेल से जमानत पर रिहा हो गया है. लेकिन क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग एंड नेटवर्किंग सिस्टम के तहत मंडल कारा को ऑनलाइन करने के बाद थानों में बैठी पुलिस यह देख सकती है कि उनके थाना का फरार अपराधी कहां गिरफ्तार हुआ है व किस मंडल कारा में बंद है.
क्या कहते हैं अधिकारी
ऑनलाइन कार्य शुरू कर दिया गया है. कुछ दिनों में पूरा कार्य इससे होने लगेगा. ऑनलाइन करने का कार्य तेजी से चल रहा है. अब लोगों को बंदियों के संबंध में सभी जानकारी ऑनलाइन ही मिलने लगेगी.
राकेश कुमार, जेल अधीक्षक, सीवान