सीवान : जिले के कुछ हिस्सों में हुई ओला वृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचने का अनुमान है. बेमौसम बरसात ने किसानों के चेहरे की खुशियां छीनते हुए चिंता की लकीर खींच दी है.
ओला वृष्टि से सबसे अधिक नुकसान खतों में खड़ी गेहूं की फसल सहित अरहर, आम व लीची के फल को हुआ है. मंगलवार को मैरवा, आंदर, जीरादेई व रघुनाथपुर के कुछ क्षेत्रों में ओला वृष्टि हुई.
सुबह से आसमान में हल्की बादल छायी थी, परंतु दोपहर बाद अचानक बारिश होने लगी और पत्थर भी गिरा. ओला वृष्टि में किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है.
मालूम हो इन दिनों जिलों में मौसम ने मंगलवार की सुबह अचानक करवट ली है. जिले के कई प्रखंडों में आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओला वृष्टि से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. जिसे देख पूरे जिला वासी सहम गये. इधर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है. किसानों की माने तो वर्षों बाद इस मौसम में ओला वृष्टि हुई है.
वहीं जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार राव की माने तो एक से दो दिन में हल्की और हल्की से थोड़ी अधिक बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताया है. डीएओ ने बताया कि इस दौरान जिले के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी होने की संभावना है.
अधिकारी ने बारिश के मौसम को देखते हुए लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने को कहा है. उन्होंने बताया कि प्रखंड कृषि पदाधिकारी से ओलावृष्टि के संबंध में रिपोर्ट मांगी गयी है. इसके बाद ही नुकसान का आकलन किया जा सकता है.
