अनिल ओझा ने दी थी मेरे भाई को मारने की धमकी

मुजफ्फरपुर/सीवान : रंगदारी व जानलेवा हमला मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे-13 सुनील कुमार सिन्हा की कोर्ट में मंगलवार को छात्र नेता शमीम की बहन तराना खानम की गवाही करायी गयी. कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंची तराना ने कहा कि 21 मई 2013 को मेरा भाई अपने सरकारी आवास में खाना खा रहे थे. उस […]

मुजफ्फरपुर/सीवान : रंगदारी व जानलेवा हमला मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे-13 सुनील कुमार सिन्हा की कोर्ट में मंगलवार को छात्र नेता शमीम की बहन तराना खानम की गवाही करायी गयी. कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंची तराना ने कहा कि 21 मई 2013 को मेरा भाई अपने सरकारी आवास में खाना खा रहे थे. उस समय मैं, मेरी भाभी, मेरे पिता घर में मौजूद थे. इसी बीच अनिल ओझा अपने तीन साथियों के साथ गाली देते और शोर मचाते घर में घुस गया.

उसने मेरे भाई शमीम खान को गाली देते हुए उसके गले से सोने की चेन छीन ली. मेरा भाई जान बचा कर भागा, तो अनिल ने गोली चला दी. लेकिन वह बच गया. पचास हजार रंगदारी की मांग करते हुए अनिल ने मेरे भाई को जान से मारने की धमकी दी थी. उसी साल उसने मेरे भाई की हत्या कर दी. मैं अनिल ओझा को पहचानती हूं. वह मेरे सामने कटघरे में खड़ा है. तराना मूल रूप से सीवान जिले के दरौली की रहने वाली है.
यह है मामला
विश्वविद्यालय कैंपस में रहने वाले छात्र नेता मोहम्मद शमीम खान ने रंगदारी व जानलेवा हमला करने को लेकर विश्वविद्यालय थाने में मामला दर्ज कराया था. इसमें सदर थाना के खबड़ा रेलवे गुमटी नंबर-छह निवासी अनिल ओझा समेत तीन चार को आरोपित किया था. विश्वविद्यालय पुलिस ने 25जून 2014 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था.

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