सीवान : चार भाईयों में दो से छोटा संदीप खाना बनाने का काम करता था. वह अपने दोस्तों के साथ बाइक से मौनिया बाबा का मेले देखने के लिए घर से निकला था. उसे पता नहीं था कि वह मेला देखने नहीं बल्कि उसकी मौत बुला रही है. वह अपने दोस्त आशीष कुमार सोनी के कहने पर उसके साथ हो लिया तथा उसके बर्गर बनाने वाले कारीगर प्रकाश का बुलाने के लिए रामापाली गांव के समीप चला चला. आशीष के अनुसार उसका कारीगर उसके यहां दस दिनों तक काम करने के बाद शनिवार को मेला देखने के बहाने एक हजार रुपये लेकर महाराजगंज चला आया था. वह उसे बुलाने के लिए गया था.
लेकिन बीस मिनट की बातचीत के बाद प्रकाश राजी नहीं हुआ तथा उसने तीन हजार रुपये और देने की डिमांड कर दी. इसी तीन हजार रुपये को लेकर पहले संदीप और प्रकाश के बीच बकझक हुई. हालांकि आशीष ने बीच-बचाव का प्रयास किया. लेकिन इसी बीच प्रकाश ने संदीप के पीठ में चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया. सदर अस्पताल लाने के दौरान उसकी मौत हो गयी. संदीप का पिता मंकेश्वर प्रसाद नौकरी कर परिवार के भरण पोषण करता है. संदीप की मौत की खबर सुनते ही परिवार के लोग सदर अस्पताल पहुंचे तथा दहाड़ मारकर रोने लगे. परिजनों ने सदर अस्पताल के सामने मृत संजीव के शव को रखकर रोड जाम कर दिया. वे हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहें थे. नगर इंस्पेक्टर ने परिवार के लोगों को समझाया कि पहले वे लिखकर अपनी शिकायत दे. पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी. नगर इंस्पेक्टर द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिये जाने के बाद परिजनों ने सड़क जाम हटाया. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया.
