जिले के 106 पैक्स ने पूरा किया धान खरीद का लक्ष्य

. जिले में इस वर्ष धान खरीद अभियान की तस्वीर साफ तौर पर दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है.एक तरफ 106 पैक्स और व्यापार मंडलों ने अपने तय लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत धान की खरीद कर ली है. बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए इन पैक्स को दो-दो लॉट और व्यापार मंडलों को तीन-तीन लॉट अतिरिक्त लक्ष्य दिया गया है. वहीं 51 पैक्स ऐसे हैं जिन्होंने निर्धारित लक्ष्य से कम धान खरीदा है

प्रतिनिधि, सीवान. जिले में इस वर्ष धान खरीद अभियान की तस्वीर साफ तौर पर दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है.एक तरफ 106 पैक्स और व्यापार मंडलों ने अपने तय लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत धान की खरीद कर ली है. बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए इन पैक्स को दो-दो लॉट और व्यापार मंडलों को तीन-तीन लॉट अतिरिक्त लक्ष्य दिया गया है. वहीं 51 पैक्स ऐसे हैं जिन्होंने निर्धारित लक्ष्य से कम धान खरीदा है.जिसके कारण उनका लक्ष्य घटा दिया गया है.आंदर प्रखंड के सहसराव और गुठनी प्रखंड के बलुआ पैक्स द्वारा खरीद शुरू नहीं करने पर उनका पूरा लक्ष्य ही रद्द कर दिया गया है. खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत जिले में एक नवंबर 2025 से धान की खरीद की जा रही है. 88,068 टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है. इसके मुकाबले अब तक 11,167 किसानों से 63,274 टन धान की खरीद की गई है. यह कुल लक्ष्य का 71.86 प्रतिशत है, यानी करीब 72 प्रतिशत धान की खरीद पूरी हो चुकी है. इसके बावजूद अभी भी लगभग 28 प्रतिशत लक्ष्य शेष है, जबकि 28 फरवरी धान खरीद की अंतिम तिथि निर्धारित है और बहुत कम समय बचा है. धान अधिप्राप्ति टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने स्पष्ट कहा कि जिन प्रखंडों में औसत खरीद जिला और राज्य स्तर से कम है,वहां तेजी लाने की जरूरत है.बड़हरिया, मैरवा, गुठनी, हसनपुरा, नौतन, महाराजगंज, जीरादेई, सीवान सदर और बसंतपुर प्रखंडों में खरीद की रफ्तार संतोषजनक नहीं पाई गई. संबंधित प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सुधार लाने की सख्त चेतावनी दी गई है.अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि शेष बचे दिनों में धान खरीद और चावल जमा की रफ्तार कितनी बढ़ पाती है और जिला अपने निर्धारित लक्ष्य के कितने करीब पहुंचता है. 6,902 टन ही बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया गया चावल धान खरीद के साथ-साथ सीएमआर जमा करने की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. 55,677 टन सीएमआर जमा करने का लक्ष्य है, लेकिन अब तक केवल 6,902 टन ही बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया गया है. यह कुल लक्ष्य का लगभग 12.39 प्रतिशत है.सीएमआर जमा करने में सुस्ती की मुख्य वजह फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) की कमी है. नियम के अनुसार प्रत्येक एक क्विंटल चावल में एक किलो एफआरके मिलाना अनिवार्य है. जिले के मिलरों ने 5,890 क्विंटल एफआरके की मांग की थी, लेकिन अब तक केवल 820 क्विंटल ही उपलब्ध कराया गया है.यानी 5,069 क्विंटल एफआरके की कमी बनी हुई है.एफआरके की कमी के कारण राइस मिलों में धान की कुटाई प्रभावित हो रही है. तैयार सीएमआर की खेप गोदामों में जमा नहीं हो पा रही है, जिससे संपूर्ण प्रक्रिया की रफ्तार धीमी पड़ गई है. राज्य खाद्य निगम द्वारा संबंधित एजेंसियों से बार-बार संपर्क किए जाने के बावजूद मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो रही है. 10 दिनों में 382 नए किसान जुड़े- धान खरीद कार्य के तहत किसानों के ऑनलाइन निबंधन की समीक्षा की गई. समीक्षा के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि 3 फरवरी तक 24,620 रैयत किसान और 5,939 गैर-रैयत किसान सहित कुल 30,400 किसानों ने निबंधन कराया था.वहीं 12 फरवरी तक यह संख्या बढ़कर 24,820 रैयत और 5,962 गैर-रैयत किसानों सहित कुल 30,782 हो गई है.यानी दस दिनों में 382 नए किसानों का पंजीकरण हुआ है.बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों का निबंधन सुनिश्चित कराया जाए.साथ ही पंचायतवार एवं प्रखंडवार प्रगति प्रतिवेदन प्रतिदिन जिला आपूर्ति शाखा तथा अधिप्राप्ति संबंधित व्हाट्सएप समूह में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.

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Published by: Deepak mishra

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