जर्जर रेलवे सड़क: पुपरी नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या छह अंतर्गत पुपरी गांव से रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली रेलवे पहुंच पथ वर्षों से बदहाली का शिकार है. सड़क पर उभरे जानलेवा गड्ढों और जलजमाव के कारण यह मार्ग हादसों का पर्याय बन चुका है. आए दिन बाइक सवार, साइकिल चालक और पैदल चलने वाले राहगीर कीचड़ में फिसलकर जख्मी हो रहे हैं.
कॉलेजी छात्रों और ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबत
यह संपर्क पथ पुपरी गांव की लाइफलाइन माना जाता है. इसी रास्ते पर राजकीय आईटीआई और नवनिर्मित डिग्री कॉलेज मौजूद हैं. सड़क की दुर्दशा से रोजमर्रा की आवाजाही पर गंभीर प्रभाव पड़ा है:
- छात्रों की परेशानी: दोनों संस्थानों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं रोजाना जान जोखिम में डालकर गंदे पानी और कीचड़ के बीच आवागमन करते हैं.
- हादसों का खतरा: सड़क पर बने गहरे गड्ढों में जलजमाव रहने से गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे वाहन पलट रहे हैं.
- मालगाड़ी के नीचे से जोखिम भरा सफर: रेलवे लाइन पर मालगाड़ी खड़ी रहने की स्थिति में लोग मजबूरीवश डिब्बों के नीचे से गुजरने का जानलेवा जोखिम उठाते हैं.
रेलवे और नगर परिषद के बीच अटकी सड़क
स्थानीय निवासी रामू मिश्र, जयजय गिरि, गौरव कुमार, राकेश कुमार झा और सीताराम मुखिया ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों विभागों की उदासीनता जनता पर भारी पड़ रही है. नगर परिषद इसे रेलवे की जमीन बताकर पल्ला झाड़ लेता है, जबकि रेलवे प्रशासन इस मार्ग की सुध नहीं ले रहा है. ग्रामीणों ने जल्द स्थायी निर्माण न होने पर बड़े हादसे की आशंका जताई है.
डीआरएम से मांगा गया है अनापत्ति आदेश
मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) केशव गोयल ने बताया कि जमीन रेलवे के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण समस्तीपुर डीआरएम से पत्राचार किया गया है. वहां से अनापत्ति आदेश मिलते ही विधिवत पक्का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि आम जनता की तत्काल सहूलियत के लिए रास्ते को मोटरेबल बना दिया गया है.
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