श्री राम की भूमिका कैसी रही, हमारी भूमिका क्या हो, इस पर विचार करें : अंबरीश

नगर के एक होटल के सभागार में गत शनिवार से आयोजित विश्व हिंदू परिषद, उत्तर बिहार प्रांत कार्यसमिति की तीन दिवसीय बैठक सोमवार को संपन्न हो गयी.

सीतामढ़ी. नगर के एक होटल के सभागार में गत शनिवार से आयोजित विश्व हिंदू परिषद, उत्तर बिहार प्रांत कार्यसमिति की तीन दिवसीय बैठक सोमवार को संपन्न हो गयी. उत्तर बिहार प्रांत प्रचारक रविशंकर जी, विहिप के केंद्रीय मंत्री अंबरीष, क्षेत्र अधिकारी डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत अध्यक्ष संजीव सिंह, प्रांत उपाध्यक्ष राज किशोर सिंह, प्रांत मंत्री रणवीर सिंह, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, संत भूषण दास, महंत बालकृष्ण दास व महंत गोपाल दास समापन सत्र में अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. समापन सत्र को संबोधित करते हुए विहिप के केंद्रीय मंत्री अंबरीश ने कहा कि संगठन के सभी आयाम अपने-अपने कार्य क्षेत्र में सेवा देकर समाज से जुड़े हुए हैं. सभी हिंदू समभाव में जीएं. कदम से कदम मिलाकर चलें. राम को केवल पूजे नहीं, बल्कि राम की भूमिका कैसी रही और हमारी भूमिका क्या हो, इस पर विचार करें. राम के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करें. उत्तर बिहार संभाग के प्रांत प्रचारक रविशंकर जी ने कहा कि अपनी संस्कृति के प्रति सदा गर्व करें. पंच परिवर्तन सब में हो. देशहित के लिए संगठित होकर हमें हिंदू समाज और राष्ट्र हित में कार्य करना है. आरंभ उपेक्षा और उपहास से हुई. सत्ताधारी तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसे प्रतिबंधित किया. फिर भी संघ ने 100 वर्ष कार्य किया. कहा कि समाज की विसंगतिओं को दूर कर समभाव से काम करना है. आत्म विस्मृत समाज को स्वबोध से ऊपर राष्ट्र बोध की आवश्यकता है. हम कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण व नागरिक कर्तव्य के लिये कार्य करने का प्रण लें. अधिक से अधिक पेड़ लगाएं. पानी की बचत करें. ऊर्जा कम खर्च करें. प्लास्टिक वस्तु का प्रयोग न करें. सड़क यातायात नियम का पालन करें. संविधान का सम्मान करें. 2047 का भारत विश्व शक्ति बनेगा. इस तीन दिवसीय बैठक में प्रदेश के 31 जिलों के करीब 250 कार्यकर्ता शामिल हुए. बैठक में डॉ वरुण, प्रांत कार्यवाह अभय गर्ग, विभाग कार्यवाह डॉ राज किशोर सिंह, सह विभाग कार्यवाह जय किशोर साह, विभाग संपर्क प्रमुख आग्नेय कुमार, डॉ देवेश कुमार व वार्ड पार्षद अमृतेश कुमार भी मोजूद रहे. सभी अतिथियों का अंग अस्त्र से सम्मान किया गया. बैठक को सफल बनाने में अशोक उपाध्याय, अरविंद झा, रंजन कुमार सिंह, श्याम बाबू सिंह, दिग्विजय सिंह, चंदन कुमार, शंभु शौर्य, शिवजी साह, महंत राज नारायण दास, महंत बालकृष्ण दास, गुड्डू गिरी व संतोष देशमुख आदि का सराहनीय योगदान रहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RANJEET THAKUR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >