नगर निगम सीतामढ़ी: सीतामढ़ी नगर निगम सभागार में मंगलवार को आयोजित क्रय एवं निविदा निस्तारण समिति की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई. मेयर रौनक जहां परवेज की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब अधिकारियों ने जांच के दौरान निविदा प्रक्रिया में ही कई तकनीकी खामियां गिना दीं. इससे नाराज सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों ने कड़ा रुख अपनाते हुए बैठक पंजी पर हस्ताक्षर करने से साफ मना कर दिया.
टेंडर प्रक्रिया की खामियों पर तीखी तकरार
बैठक में मुख्य रूप से तीन अहम योजनाओं के निविदा निस्तारण पर विचार-विमर्श होना था:
- निगम क्षेत्र के स्कूलों में नए पुस्तकालयों की स्थापना.
- शहर में पूर्व से लगी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत एवं समुचित रखरखाव.
- नगर निगम कार्यालय के वित्तीय लेखा कार्य के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी का चयन.
समीक्षा के दौरान अधिकारियों द्वारा प्रक्रियात्मक त्रुटियां बताए जाने पर सदस्य भड़क उठे. सदस्यों ने तीखा सवाल किया कि जब निविदा में प्रशासनिक व तकनीकी कमियां मौजूद थीं, तो टेंडर निकालने से पहले इन्हें दुरुस्त क्यों नहीं किया गया? अंतिम समय में खामियां उजागर होने से पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विरोध के चलते किसी भी निविदा के निस्तारण पर सहमति नहीं बन सकी.
मेयर ने लगाए गंभीर आरोप, जल्द होगा बड़ा फैसला
मेयर ने नगर निगम प्रशासन पर घोर लापरवाही और उदासीनता का आरोप जड़ते हुए कहा कि टेंडर में ऐसी खामियां सामने आना बेहद गंभीर मामला है. इस मुद्दे पर सभी पार्षदों के साथ आपात बैठक बुलाकर प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया जाएगा.
वहीं, मामले पर सफाई देते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि समिति सदस्यों द्वारा रेखांकित की गई तमाम कमियों का निराकरण किया जाएगा. आवश्यक सुधार के उपरांत नए सिरे से निविदा जारी की जाएगी. बैठक में उपमेयर, पार्षद सीमांत शेखर व अंशुल प्रकाश समेत कई गणमान्य सदस्य उपस्थित थे.
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