School Selfie Innovation: विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने और उनके भीतर जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और अपनत्व की भावना जगाने के लिए छोटे नवाचार भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं. सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय कोआही में ऐसा ही एक अनूठा प्रयोग देखने को मिल रहा है. यहाँ प्रतिदिन सबसे पहले स्कूल पहुँचने वाले छात्र-छात्राओं को शिक्षकों के साथ सेल्फी लेने का विशेष अवसर दिया जा रहा है.
समय की पाबंदी और बच्चों के प्रोत्साहन के लिए अनोखा नवाचार
इस अभिनव पहल की शुरुआत राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित विद्यालय की शिक्षिका वीणा कुमारी की सोच से हुई है. उनका मानना है कि जब बच्चों को पहले स्कूल पहुँचने पर खास पहचान और सम्मान मिलता है, तो उनका पहला अनुभव खुशी और उपलब्धि से भर जाता है. इस व्यवस्था से बच्चों में देर से आने की प्रवृत्ति खत्म हो रही है और वे समय के पाबंद बन रहे हैं.
सेल्फी पहल से बच्चों में हो रहे हैं ये बड़े सकारात्मक बदलाव
इस साधारण प्रयोग से बच्चों के शैक्षणिक और मानसिक विकास में कई लाभ मिल रहे हैं:
- आत्मविश्वास में वृद्धि: बच्चों के मन में यह भाव जगता है कि उनकी उपस्थिति और पहचान महत्वपूर्ण है.
- समयबद्धता की आदत: स्कूल समय से पहले पहुँचने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बच्चे समय का मूल्य सीख रहे हैं.
- शिक्षकों से भावनात्मक जुड़ाव: सेल्फी के बहाने शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच संवाद बढ़ रहा है और बच्चे अपनी खुशियाँ साझा कर रहे हैं.
- नियमित उपस्थिति में सुधार: प्रतिदिन स्कूल आने और पहले पहुँचने को लेकर छात्र-छात्राओं में उत्साह बढ़ा है.
संसाधनों से नहीं, सोच से आता है बदलाव
शिक्षिका वीणा कुमारी के अनुसार शिक्षा में नवाचार के लिए बड़े संसाधनों की नहीं बल्कि सकारात्मक सोच की जरूरत होती है. एक छोटी-सी सराहना और अवसर भी बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है.
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