Sitamarhi Nagar Nigam: सीतामढ़ी शहर के विकास और स्वच्छता के दावे करने वाले नगर निगम की पोल मेहसौल इलाके का वार्ड संख्या-37 खोल रहा है. महापौर के आवास से आधे किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित सुंदरनगर इलाके में सड़क पर स्थायी रूप से गंदा पानी जमा रहता है, जर्जर नाले हैं और टूटी स्लैब लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है. स्थानीय लोग इसे ‘चिराग तले अंधेरा’ की सटीक मिसाल बता रहे हैं.
Sitamarhi News: नाला होने के बावजूद सड़क पर बहता है गंदा पानी
सुंदरनगर की पक्की सड़क के किनारे नाला तो बना हुआ है, लेकिन जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने और नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी हमेशा सड़क पर फैला रहता है. इससे उठने वाली दुर्गंध और सड़न के कारण आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया है.
दुर्घटनाओं को दावत दे रही टूटी स्लैब
यह मुख्य मार्ग मोहनपुर, लक्ष्मीनगर, सुंदरनगर और मंगूराहा को जिला मुख्यालय डुमरा से जोड़ता है. इसी महत्वपूर्ण सड़क पर नाले की कई स्लैब क्षतिग्रस्त हैं. जलजमाव के बीच टूटी हुई स्लैब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर वक्त बड़े हादसे का खतरा बनी रहती है, जो रात के समय और भी खतरनाक हो जाती है. खास बात यह है कि यही मार्ग कई गांवों को श्मशान घाट से भी जोड़ता है, जिससे अंतिम संस्कार के वक्त शव यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को भी इसी बदहाली का सामना करना पड़ता है.
जनता का सवाल और प्रशासन का पक्ष
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब महापौर के आवास के पास की ऐसी स्थिति है, तो दूर-दराज के वार्डों के विकास का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. इस गंभीर समस्या को उठाने वालों में भाजपा युवा नेता शैलेंद्र कुमार झा, हरिशंकर यादव, अनिल राम, गुड्डू कुमार, संजीव कुमार झा, सूरज कुमार, किशन कुमार, पप्पू कुमार यादव, सरोज राय, उपेंद्र साह, शंकर साह और मिथिलेश कुमार यादव समेत कई लोग शामिल हैं, जिन्होंने जल्द समाधान की मांग की है.वहीं, इस मामले पर नगर आयुक्त डॉ. गजेंद्र प्रसाद सिंह ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही स्थिति का अवलोकन कर वहां की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
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