सीतामढ़ी: नगर निगम क्षेत्र में ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था चरमराई, 99 प्रतिशत प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस संचालित

सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र में करीब 99 प्रतिशत व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं. वर्षों पहले जारी नोटिस और सर्वे के बावजूद व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकी, जिससे नगर निगम को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है. पढ़ें पूरी खबर..

सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट

Sitamarhi Nagar Nigam: सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र में हजारों की संख्या में होटल, मॉल, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और छोटी-बड़ी दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश प्रतिष्ठान बिना ट्रेड लाइसेंस के चल रहे हैं. स्थिति यह है कि करीब 99 प्रतिशत व्यवसायियों ने अब तक ट्रेड लाइसेंस नहीं लिया है. इससे नगर निगम को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है और लाइसेंसिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

वर्षों पहले हुआ था सर्वे, फिर ठप पड़ गई प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार तत्कालीन नगर परिषद के समय करीब चार से पांच वर्ष पूर्व ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था को लेकर पहल की गई थी. उस दौरान नगर क्षेत्र में लगभग 1200 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों की पहचान की गई थी. जांच में पाया गया था कि केवल करीब 160 प्रतिष्ठानों के पास ही वैध ट्रेड लाइसेंस था, जबकि शेष अधिकांश प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे थे.

800 दुकानदारों को जारी हुआ था नोटिस

नगर प्रशासन ने उस समय लगभग 800 व्यापारियों और दुकानदारों को ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए नोटिस जारी किया था. हालांकि इसके बाद अभियान आगे नहीं बढ़ सका और कार्रवाई की प्रक्रिया लगभग ठप पड़ गई. नतीजतन आज भी बड़ी संख्या में व्यवसायिक प्रतिष्ठान बिना ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं, जिससे नगर निगम को राजस्व की संभावित आय नहीं मिल पा रही है.

विकास योजनाओं पर भी पड़ रहा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निगम की विकास योजनाएं स्थानीय राजस्व पर काफी हद तक निर्भर करती हैं. ऐसे में ट्रेड लाइसेंस शुल्क से होने वाली आय नहीं मिलने के कारण नगर निकाय की वित्तीय क्षमता प्रभावित हो रही है.

व्यापक सर्वे और जांच की तैयारी

इस संबंध में नगर आयुक्त डॉ. गजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा. होल्डिंग और ट्रेड सर्वे के साथ-साथ होल्डिंग टैक्स संग्रहण का कार्य लगभग ढाई वर्ष पूर्व आउटसोर्सिंग कंपनी “स्पैरो” को सौंपा गया था.

नगर आयुक्त ने कहा कि सर्वे कार्य में हुई देरी के संबंध में संबंधित कंपनी से जवाब-तलब किया जाएगा और जल्द ही इस दिशा में ठोस प्रगति देखने को मिलेगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >