Premchand Jayanti News: सीतामढ़ी के जानकी विद्या निकेतन के सभाकक्ष में सीतामढ़ी संस्कृति मंच के तत्वावधान में उपन्यास सम्राट प्रेमचंद की 146वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता सुभद्रा ठाकुर ने की. समारोह का शुभारंभ प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. इसके बाद निदेशक दिनेश चंद्र द्विवेदी ने विषय प्रवेश कराया. कार्यक्रम में विद्यालय के 109 छात्र-छात्राओं ने प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियों का सार और उनसे मिलने वाली सीख को प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया.
प्रेमचंद के साहित्य में दिखता है सामाजिक यथार्थ
समारोह में पहुंचे प्रमुख वक्ताओं ने प्रेमचंद के विचार और उनके साहित्य पर विस्तार से चर्चा की.
- प्राचार्य उमाशंकर मिश्रा: मिथिला संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि प्रेमचंद के साहित्य में किसान, मजदूर, नारी व सामाजिक यथार्थ का सटीक चित्रण है. वे हिंदी साहित्य में यथार्थवाद के महान प्रवर्तक हैं.
- कवि सुरेश वर्मा: उन्होंने प्रेमचंद के सादगीपूर्ण जीवन और उच्च विचारों पर प्रकाश डाला.
- विमल कुमार परिमल: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त राजभाषा अधिकारी ने प्रेमचंद की कहानियों की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित किया.
विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा
गांधीवादी उषा शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेमचंद के साहित्य से प्रेरणा लेने का संदेश दिया. अध्यक्षीय संबोधन में सुभद्रा ठाकुर ने स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधार में प्रेमचंद के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए स्वरचित कविता का पाठ किया. साथ ही उन्होंने प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की.
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