Sitamarhi News: नगर परिषद द्वारा शहर की खूबसूरती बढ़ाने और युवाओं को सेल्फी पॉइंट का उपहार देने के उद्देश्य से लाखों की लागत से लगाए गए ‘आई लव पुपरी’ डिजिटल बोर्ड अब अपनी पहचान खो रहे हैं. रखरखाव के अभाव में ये बोर्ड अब शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं. कभी शान से चमकने वाले ये बोर्ड अब नगर प्रशासन की उदासीनता की कहानी बयां कर रहे हैं.
लाखों की लागत, पर अंधेरे में डूबे बोर्ड
नगर के प्रमुख स्थलों जैसे कर्पूरी चौक, नगर परिषद चौक, पंचेश्वरनाथ तालाब और नागेश्वर स्थान पर ये डिजिटल बोर्ड लगाए गए थे. बताया जाता है कि एक बोर्ड की लागत करीब 25 से 30 हजार रुपये आई थी. इस तरह चार बोर्डों पर करीब एक लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए. लेकिन स्थापना के एक साल के भीतर ही इनकी लाइटें बुझ गईं. कहीं अक्षर गायब हैं, तो कहीं स्क्रीन टूट चुकी है. स्थिति यह है कि अब इन बोर्डों के पास लोग कचरा फेंक रहे हैं.
जनता के पैसे की बर्बादी से आक्रोश
स्थानीय निवासी कुमार मंगलम, अभिषेक कुमार और पंकज ठाकुर का कहना है कि शुरुआत में यहाँ काफी लोग फोटो खिंचवाते थे, लेकिन अब अंधेरे के कारण यह सेल्फी पॉइंट कबाड़ में तब्दील हो चुका है. सामाजिक कार्यकर्ता हृषिकेश चौधरी और राजकुमार मंडल ने इसे जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी बताया है. उन्होंने मांग की है कि या तो बोर्ड की मरम्मत हो या इन्हें हटा दिया जाए, क्योंकि टूटे बोर्ड शहर की छवि खराब कर रहे हैं.
कार्यपालक पदाधिकारी ने दिया आश्वासन
मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी केशव गोयल ने सकारात्मक रुख दिखाया है. उन्होंने बताया कि खराब पड़े सभी डिजिटल बोर्डों का निरीक्षण किया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर इन सभी बोर्डों की मरम्मत कराकर इन्हें फिर से सुचारू रूप से चालू करवा दिया जाएगा.
सीतामढ़ी से वैद्यनाथ ठाकुर की रिपोर्ट
