Sitamarhi News: भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में विवाह कर भारत में रह रही नेपाली महिलाओं को भारतीय नागरिकता दिलाने के लिए गृह विभाग ने पहल तेज कर दी है. इस संबंध में विशेष सचिव के सुहिता अनुपम ने सीतामढ़ी समेत सात जिलों के डीएम और एसपी को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
नागरिकता लेने को लेकर गंभीर नहीं है
पत्र में कहा गया है कि भारत में विवाह करने वाली अधिकांश नेपाली महिलाएं अब तक भारतीय नागरिकता लेने को लेकर गंभीर नहीं हैं. सीमा क्षेत्रों में बेटी-रोटी के संबंध के तहत हर वर्ष बड़ी संख्या में ऐसे विवाह होते हैं, लेकिन नागरिकता के लिए आवेदन की प्रक्रिया बेहद कम है.
जिला स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
गृह विभाग ने सीतामढ़ी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, किशनगंज, मधुबनी, सुपौल और अररिया जिलों में जिला प्रशासन को जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है. साथ ही संबंधित महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने और पंजीकरण में सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है.
नागरिकता अधिनियम के तहत आवेदन तेज करने पर जोर
पत्र में नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 5(1)(C) और धारा 6 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है. डीएम से यह भी जानकारी मांगी गई है कि विवाह के आधार पर कितने आवेदन प्राप्त हुए और कितनों का निपटारा किया गया.
इसके अलावा, सीओ और थानाध्यक्षों को भी इस विषय पर जागरूक करने तथा जिला स्तर पर तंत्र विकसित कर प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.
