सीतामढ़ी से अमरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
बिहार के सीतामढ़ी जिले के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना (MDM) में घोटाले का सिलसिला थम नहीं रहा है.कुछ प्रधान शिक्षक (हेडमास्टर) कागजों पर पांच गुना अधिक बच्चों की फर्जी उपस्थिति दिखाकर राशन और राशि का गबन कर रहे हैं.इसकड़ी में विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैरगनिया प्रखंड के एक प्रधान शिक्षक पर 1.79 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक दंड लगाया है, जबकि सुरसंड प्रखंड के दो स्कूलों में भारी गड़बड़ीपकड़ी गई है.
चिता पर पानी फेरने जैसा घोटाला: 85 बच्चे थे मौजूद, हाजिरी बनाई 445 की
पहला मामला सुरसंड प्रखंड के मध्य विद्यालय, शंकरपुर का है.27 मई को एमडीएम के जिला समन्वयक के निरीक्षण में पाया गया कि स्कूल में नामांकित 730 बच्चों में से 445 की हाजिरी बनाई गई थी, जबकि भौतिक सत्यापन में मौके पर मात्र 85 बच्चे ही उपस्थित थे.हद तो यह है कि पिछले छह दिनों की औसत उपस्थिति भी कागजों पर 416 दिखाई गई थी.जांच के समय तक बच्चों की वास्तविक उपस्थिति दर्ज नहीं थी.इसके बाद एमडीएम के डीपीओ मनीष कुमार सिंह ने प्रधान शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है.
करवन्नाकोरियाही में हेडमास्टर खुद करते थे शिक्षकों के हस्ताक्षर
सुरसंड के ही मवि, करवन्नाकोरियाही में भी बड़ाफर्जीवाड़ा सामने आया है . यहां 476 बच्चों में से 254 की हाजिरी बनी थी, लेकिन मौके पर सिर्फ 125 बच्चे मिले . निरीक्षण में खुलासा हुआ कि प्रधान शिक्षक और विद्यालय सहायक मिलकर व्यय विवरणी पर सभी सहायक शिक्षकों के फर्जी हस्ताक्षर खुद ही कर लेते थे.स्कूल में पोषाहार पंजी भी अधूरी पाई गई.इस मामले में भी जवाब तलब किया गया है.
लगा 1.79 लाख रुपये का आर्थिक दंड, वेतन रोकने की चेतावनी
इधर, बैरगनिया प्रखंड के मवि, पचटकी राम के प्रधान शिक्षक को बच्चों की फर्जी हाजिरी बनाकर राशि हजम करना भारी पड़ गया है.जांच में घोटाले की पुष्टि होने के बाद डीपीओ मनीष कुमार सिंह ने उक्त प्रधान शिक्षक पर 1,79,972 रुपये का आर्थिक दंड लगाया है.उन्हें यह राशि बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया गया है.ऐसा न करने पर उनके वेतन से इस राशि की वसूली की जाएगी.
