Sitamarhi News: अखिल भारतीय रिटायर्ड रेलवे मेंस फेडरेशन, सीतामढ़ी के तत्वावधान में रविवार को स्थानीय स्टेशन परिसर में सेवानिवृत्त रेलकर्मियों की एक महत्वपूर्ण मासिक गोष्ठी का आयोजन किया गया. इस बैठक की अध्यक्षता फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष राम प्रवेश सिंह ने की, जबकि मंच का सफल संचालन वरिष्ठ कवि सह सचिव बच्चा प्रसाद विह्वल द्वारा किया गया. बैठक में मुख्य रूप से सेवाकाल के बाद रेलकर्मियों को होने वाली प्रशासनिक परेशानियों और उनके हक-अधिकारों को लेकर गंभीर चर्चा की गई, जिसमें सर्वसम्मति से छह सूत्री मांग-पत्र तैयार कर रेल प्रशासन के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया.
महोत्सव और विमर्श की शुरुआत से पहले एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर कार्यरत रहे रेलकर्मी मनोज कुमार के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया. 57 वर्षीय मनोज कुमार पिछले लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. गोष्ठी में उपस्थित सभी रिटायर्ड अधिकारियों और सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
नवनिर्मित स्टेशन भवन में पेंशनरों के लिए हॉल देने की उठी मांग
गोष्ठी के दौरान पूर्व मालबाबू सुनील कुमार झा ने सेवामुक्त रेलकर्मियों की बुनियादी सहूलियत का मुद्दा उठाते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण मांग सभा के सामने रखी. उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी में रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के तहत नवनिर्मित स्टेशन भवन का निर्माण किया जा रहा है. इस भव्य और आधुनिक भवन में बुजुर्ग पेंशनरों के बैठने, आराम करने और विभागीय बैठकों के आयोजन के लिए रेल प्रशासन द्वारा कम से कम एक कमरा या हॉल विशेष रूप से आवंटित किया जाना चाहिए. इस मांग का वहां उपस्थित सभी पूर्व रेलकर्मियों ने मेज थपथपाकर पुरजोर समर्थन किया.
इन मुख्य छह सूत्री मांगों पर बनी सहमति
इसके पश्चात वरिष्ठ सदस्य शिवनाथ प्रसाद ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को समाहित करते हुए एक छह सूत्री मांग-पत्र सभा के पटल पर रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. इस मांग-पत्र में मुख्य रूप से शामिल बिंदु इस प्रकार हैं:
- पेंशनर्स हॉल का आवंटन: नवनिर्मित सीतामढ़ी स्टेशन परिसर में बुजुर्ग पेंशनरों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त कमरा या हॉल तत्काल आरक्षित किया जाए.
- रेलवे पास व्यवस्था में सुधार: रिटायर्ड रेलकर्मियों को मिलने वाले मानद पास (Complimentary Passes) और पीटीओ के ऑनलाइन व ऑफलाइन निर्गमन की प्रक्रिया को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाया जाए.
- बेहतर चिकित्सा सुविधाएं: पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के लिए रेलवे अस्पतालों तथा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज (RELHS योजना) की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, ताकि बुजुर्गों को भटकना न पड़े.
- समयबद्ध पेंशन संशोधन: सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करते हुए वरिष्ठ पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण और एरियर के भुगतान में तेजी लाई जाए.
- कल्याणकारी योजनाओं का लाभ: रेल प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सेवानिवृत्ति कल्याण कार्यक्रमों का लाभ सीधे और बिना किसी कागजी लेती-देती के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए.
- विभागीय समन्वय: स्थानीय रेल अधिकारियों और फेडरेशन के प्रतिनिधियों के बीच हर तिमाही में एक समन्वय बैठक आयोजित हो, ताकि स्थानीय स्तर की पेंशन संबंधी शिकायतों का तुरंत निपटारा हो सके.
बैठक में संगठन की मजबूती और कर्मचारी हितों पर हुआ मंथन
सभा के अंतिम चरण में वरिष्ठ सदस्य मदन प्रसाद ने संगठन की एकजुटता और मजबूती पर विशेष बल दिया. उन्होंने दूर-दराज से आए सभी रिटायर्ड कर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक हम संगठित रहेंगे, रेल प्रशासन को हमारी न्यायसंगत मांगें माननी ही पड़ेंगी. इस महत्वपूर्ण मासिक गोष्ठी के मौके पर सनत कुमार ठाकुर, सुरेंद्र कुमार सिंह, बच्चा राय, आरबी चौधरी, डीके झा, गौरीशंकर प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, भिखारी ठाकुर और जगन्नाथ मंडल सहित भारी संख्या में पूर्व रेलकर्मी और फेडरेशन के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
