Sitamarhi News: सीतामढ़ी जिला अंतर्गत मेहसौल थाना पुलिस ने संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए एक लापता युवक को महज दो घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है. शिकायत दर्ज होने के चंद घंटों के भीतर मिली इस बड़ी कामयाबी के बाद जहां पीड़ित परिवार में छाई मायूसी खुशियों में बदल गई, वहीं स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस बेमिसाल सक्रियता की जमकर सराहना की है.
बेटे के लापता होने की शिकायत
लापता होने का यह पूरा मामला मेहसौल थाना क्षेत्र के शांति नगर मोहल्ले का है. जानकारी के अनुसार, शांति नगर निवासी सरोज कुमार का पुत्र अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था, जिसकी काफी खोजबीन करने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो चिंतित पिता ने मेहसौल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई.
चूंकि मामला एक युवक के अचानक लापता होने से जुड़ा था, इसलिए मेहसौल थाना पुलिस ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया. शिकायत की कॉपी टेबल पर आते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा और बिना एक मिनट गंवाए विशेष टीमों का गठन कर तत्काल सघन खोजबीन अभियान शुरू कर दिया.
तकनीकी इनपुट की मदद से मुजफ्फरपुर में मिला लोकेशन
खोजबीन के दौरान पुलिस की तकनीकी शाखा (Technical Cell) और मानवीय सूचना तंत्र (Human Intelligence) को एक्टिव किया गया. लापता युवक के मोबाइल लोकेशन और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को खंगालने पर पुलिस को उसका सुराग पड़ोसी जिले मुजफ्फरपुर में मिला.
लोकेशन ट्रेस होते ही मेहसौल पुलिस की एक विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर में चिन्हित स्थान पर छापेमारी की और महज 120 मिनट (2 घंटे) के भीतर युवक को पूरी तरह सकुशल बरामद कर लिया. बरामदगी के बाद पुलिस टीम युवक को लेकर वापस मेहसौल थाने पहुंची, जहाँ आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवक को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया.
जनता की सेवा के लिए चौबीस घंटे तत्पर है
लाडले बेटे के सकुशल घर वापस लौटने पर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने चैन की सांस ली. पीड़ित परिवार ने मेहसौल पुलिस की इस तत्परता और जांबाजी के लिए दिल से आभार व्यक्त किया है.
इस शानदार कामयाबी पर मेहसौल के थानाध्यक्ष मोहम्मद असदुल्लाह ने बताया कि आम जनता की सुरक्षा, सहायता और उनके विश्वास पर खरा उतरना ही जिला पुलिस का मुख्य ध्येय है. उन्होंने कहा कि पुलिस हर समय और हर परिस्थिति में नागरिकों की मदद के लिए चौबीस घंटे तत्पर है.
सीतामढ़ी से चंद्र मोहन झा की रिपोर्ट
