Sitamarhi News: राज्य सरकार के विशेष निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार, 29 मई को समाहरणालय परिसर में “नो व्हीकल डे” (वाहन मुक्त दिवस) मनाया गया. इस खास अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत का बड़ा संदेश देते हुए तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने वाहनों का उपयोग नहीं किया और पैदल ही समाहरणालय स्थित अपने-अपने कार्यालय पहुंचे. प्रशासन की इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना, ईंधन की खपत कम करना और आम लोगों को एक स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था.
प्रभारी डीएम और वरीय अधिकारियों ने पेश की मिसाल
‘नो व्हीकल डे’ को सफल बनाने के लिए समाहरणालय के आला अधिकारियों ने खुद आगे बढ़कर नेतृत्व किया. दफ्तर पहुंचने के लिए किसी ने भी सरकारी या निजी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया:
- प्रभारी डीएम संजीव कुमार: अन्य दिनों की तरह अपनी सरकारी गाड़ी से आने के बजाय प्रभारी डीएम आज पैदल चलकर समाहरणालय पहुंचे. उन्होंने न केवल खुद इस नियम का पालन किया, बल्कि सभी अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया.
- पैदल दफ्तर पहुंचे ये मुख्य अधिकारी: प्रभारी डीएम के साथ ही पॉइंट वाइज इन वरीय अधिकारियों ने भी पैदल कार्यालय पहुंचकर इस मुहिम को कामयाब बनाया:
- डीआरडीए (DRDA) निदेशक राजेश भूषण
- एनईपी (NEP) निदेशक शशिकांत शर्मा
- नजारत उप समाहर्ता प्रकाश कुमार
- जिला कृषि पदाधिकारी शांतनु कुमार
समाहरणालय परिसर में दिखा बदलाव
जिला प्रशासन के इस फैसले का असर शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में साफ और सीधा देखने को मिला:
- वाहनों की आवाजाही थमी: सामान्य दिनों में जहां कलेक्ट्रेट परिसर गाड़ियों और बाइकों से भरा रहता था, वहीं शुक्रवार को परिसर में वाहनों की आवाजाही न के बराबर रही और चारों तरफ सन्नाटा पसरा दिखा.
- प्रदूषण और स्वास्थ्य पर जोर: पैदल दफ्तर पहुंचे अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल शहर का वायु प्रदूषण कम होगा, बल्कि लगातार पैदल चलने से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी.
प्रभारी डीएम की आम जनता से खास अपील
अभियान की सफलता के बाद प्रभारी डीएम संजीव कुमार ने जिले के आम नागरिकों से भी भावुक अपील की है. उन्होंने कहा कि आम लोग भी अपनी दैनिक दिनचर्या में बदलाव लाएं और सप्ताह में कम-से-कम एक दिन वाहनों का उपयोग बंद या कम करें. छोटी दूरियों के लिए पैदल चलने या साइकिल का प्रयोग करने की आदत विकसित करें, क्योंकि हमारे इन छोटे-छोटे प्रयासों से ही पर्यावरण संरक्षण में एक बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है.
सीतामढ़ी से रौशन कुमार की रिपोर्ट
