Sitamarhi News: बिहार शिक्षा विभाग के कड़े रुख के बीच सीतामढ़ी जिले से शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने एक महत्वपूर्ण कार्यालय आदेश जारी करते हुए जिले के सभी सरकारी, राजकीयकृत, परियोजना, उत्क्रमित प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों, प्रधान शिक्षकों तथा प्रधान मौलवियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश (गर्मी की छुट्टियों) के दौरान अपने-अपने मुख्यालय में ही डटे रहने का सख्त निर्देश दिया है. विभाग का यह आदेश संस्कृत, उर्दू एवं मदरसा विद्यालयों के प्रधानों पर भी पूरी तरह से लागू होगा.
हर परिस्थिति में मोबाइल चालू रखने का निर्देश
जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, बिहार शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिक अवकाश तालिका के तहत आगामी 1 जून से लेकर 20 जून तक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है. इस पूरी अवधि में सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों और विद्यालय प्रधानों को अपने-अपने मुख्यालय में ही उपस्थित रहने को कहा गया है. इसके साथ ही डीईओ ने सख्त हिदायत दी है कि सभी जिम्मेदार कर्मी इस दौरान अपना-अपना मोबाइल फोन चौबीसों घंटे चालू (ऑन) रखेंगे. मोबाइल ऑन रखने का मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि इस बीच किसी भी विशेष परिस्थिति, आपातकाल या आकस्मिक कार्य को लेकर विभाग अथवा निदेशालय (पटना) से कोई भी नया निर्देश प्राप्त होता है, तो उसका समय पर और त्वरित अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके.
बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर लगी रोक
डीईओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने अपने आदेश में यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि अवकाश अवधि के दौरान किसी भी अधिकारी या विद्यालय प्रधान को मनमाने तरीके से स्टेशन छोड़ने की इजाजत नहीं होगी. यदि किसी अत्यंत अपरिहार्य या विशेष कारणवश किसी पदाधिकारी को मुख्यालय छोड़ना बेहद आवश्यक हो जाता है, तो इसके लिए उन्हें सक्षम प्राधिकार से लिखित रूप में पूर्व अनुमति (Pre-permission) लेना अनिवार्य होगा. बिना इजाजत मुख्यालय से गायब मिलने वाले कर्मियों पर अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है. इस कार्यालय आदेश की प्रतिलिपि जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ), सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) तथा संबंधित विद्यालय प्रधानों को आवश्यक कार्रवाई, सख्त निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए आधिकारिक रूप से भेज दी गई है.
अवकाश अवधि में भी प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने पर विभाग का जोर
शिक्षा विभाग द्वारा छुट्टियों के दिनों में भी जारी किए गए इस कड़े निर्देश के पीछे का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सतर्कता और अनुशासन को बनाए रखना है. अधिकारियों का मानना है कि अवकाश की अवधि में भी प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड में रहे, ताकि सरकार या विभाग द्वारा शिक्षा सुधार को लेकर लिए जाने वाले किसी भी नीतिगत निर्णय या विभागीय आदेश का धरातल पर त्वरित क्रियान्वयन (Immediate Implementation) किया जा सके. इस आदेश के बाद अब छुट्टियों में शिक्षकों के बाहर जाने की योजनाओं पर पानी फिरता नजर आ रहा है.
सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
